सोमवार, 02 जून, 2008 को 14:13 GMT तक के समाचार
एचआईवी एड्स पर जारी संयुक्त राष्ट्र संघ की एक रिपोर्ट के मुताबिक एंटी रेट्रो वायरल दवाओं की आपूर्ति और मांग के बीच की दूरी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है.
रिपोर्ट में एचआईवी-प्रभावित गर्भवती महिलाओं के उपचार की ज़रूरत पर ज़ोर दिया गया ताकि उनके बच्चों को इस संक्रमण से बचाया जा सके.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर डॉक्टर केविन डी कॉक ने कहा है कि हर वर्ष जहाँ करीब 10 लाख मरीज़ों का इलाज हो रहा है, 25 लाख नए लोग एचआईवी की चपेट में आ रहे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ़ एक-तिहाई एचआईवी संक्रमित गर्भवती महिलाएँ का इलाज़ संभव हो पा रहा है.
'प्रभावित लोग'
एचआईवी से सबसे ज़्यादा प्रभावित लोगों की बात करें तो भारत और दक्षिण अफ़्रीका इस सूची में पहले और दूसरे स्थान पर हैं. नाइजीरिया तीसरे स्थान पर है.
लागोस से बीबीसी संवाददाता एलेक्स लास्ट कहते हैं कि नाइजीरिया में एचआईवी फ़ैलने की दर कम है लेकिन वहाँ की जनसंख्या इतनी ज़्यादा है कि एचआईवी से संक्रमित लोगों की संख्या बहुत बड़ी हो जाती है.
हालांकि नाइजीरिया में एंटी रेट्रो वायरल का प्रयोग बढ़ा है, एक अनुमान के मुताबिक पाँच में से सिर्फ़ एक ज़रूरतमंद व्यक्ति को यह सुविधा उपलब्ध है.
कई बार लोगों को दवाइयों के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है और बहुत ज़्यादा पैसे खर्च करने पड़ते हैं.
हालांकि कई सरकारी चिकित्सालयों में दवाइयाँ मुफ़्त मिलती हैं, मरीज़ों को कई अन्य कामों जैसे प्रयोगशालाओं में होने वाली जाँच पर काफ़ी धन खर्च करना पड़ता है.
सब सहारा एफ़्रीका में माँ से एचआईवी वायरस बच्चे तक पहुँचने से रोकना एक बड़ी समस्या है.