रविवार, 01 जून, 2008 को 02:32 GMT तक के समाचार
अमरीका में पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नि हिलेरी क्लिंटन अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाए रखने के लिए लड़ रही हैं.
डेमोक्रेटिक पार्टी की अनुशासन समिति ने फ़ैसला लिया है कि मिशिगन और फ़्लोरिडा प्रांतों के आधे मतों की ही गिनती की जाएगी. इस फ़ैसले से हिलेरी ओबामा से और ज़्यादा पिछड़ती नज़र आ रही हैं.
मिशिगन और फ़्लोरिडा में चुनाव इस साल की शुरूआत में ही हो गए थे पर दोनों राज्यों के नतीजे पार्टी के नियमों के उल्लंघन के कारण अन्य राज्यों के नतीजों में शामिल नहीं किए गए थे.
अभी तक ओबामा को 1984 प्रतिनिधियों का समर्थन हासिल हैं जबकि हिलेरी क्लिंटन को 1782 प्रतिनिधियों का यानी फ़र्क 202 वोटों का है.
हिलेरी चाहती हैं कि इन दो प्रांतों के वोट गिने जाएँ ताकि उनके कुल वोट बराक ओबामा के आसपास तक पहुँच सकें.
लेकिन यहीं हिलेरी को झटका लगा है. पार्टी की अनुशासन समिति ने फ़ैसला किया है कि इन दोनों प्रांतों के आधे वोट ही गिने जाएँगे और अब तो यही नज़र आ रहा है कि अमरीका के राष्ट्रपति के पद के लिए बराक ओबामा डेमोक्रैटिक पार्टी के सबसे सशक्त उम्मीदवार हैं.
पार्टी का संकट
हिलेरी समर्थकों के लिए ये सिद्धांत का मामला है. सवाल ये है कि क्या हिलेरी क्लिंटन के समर्थक इस मुद्दे पर पार्टी को तोड़ने की हद तक जा सकते हैं?
डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष हावर्ड डीन इस सवाल को लेकर काफ़ी परेशान थे.
यही वजह है कि उन्होंने पार्टी सदस्यों से अपील करते हुए कहा कि वे व्यक्ति के बजाय राष्ट्र के हित को ध्यान में रखें.
उन्होंने कहा, "ये मामला बराक ओबामा का नहीं है और न ही ये हिलेरी क्लिंटन के बारे में है. सवाल अमरीका को महानता की ऊँचाइयों पर वापिस पहुँचाने का है और अमरीका को फिर ताकतवर बनाने का है."
इस अपील के ज़रिए डेमोक्रैटिक पार्टी के अध्यक्ष हावर्ड डीन ने पार्टी को एकजुट करने की कोशिश की है.
बीबीसी संवाददाता जेम्स कुमारास्वामी के मुतीबिक़ अनुशासन समिति का निर्णय अगर हिलेरी के पक्ष में जाता तब भी इससे कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं पड़ता.
बरॉक ओबामा पहला स्थान पाने के प्रबलदावेदार फिर भी बने रहते क्योंकि फ़्लोरिडा और मिशिगन के शामिल हो जाने पर हिलेरी के प्रतिनिधियों की संख्या में महज़ 43 और बढ़ोत्तरी होती.