बुधवार, 21 मई, 2008 को 14:37 GMT तक के समाचार
अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने कहा है कि अमरीका ग्वांतानामो बे बंदी गृह को बंद करना चाहता है लेकिन वह 'फँस' चुका हैं.
उन्होनें कहा कि बंदी गृह में क़ैद क़रीब 70 क़ैदियों को अमरीका उन देशों को सौंपना चाहता है जिस देश के वे नागरिक हैं, लेकिन या तो उन देशों पर विश्वास नहीं किया जा सकता है या फिर वे क़ैदियों को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं.
मानवाधिकार समूह काफ़ी लंबे समय से बंदी गृह को बंद करने की माँग करते रहे हैं. उनका कहना है कि बंदी गृह अंतराष्ट्रीय क़ानून के मानकों पर यह खरा नहीं उतरता है.
ग़ौरतलब है कि क्यूबा में अमरीकी नौसैनिक अड्डे ग्वांतनामो बे शिविर में वर्ष 2001 में अफ़ग़ानिस्तान पर हमले के बाद से अनेक लोगों को बंदी बनाकर रखा गया था.
उनमें से अनेक को रिहा किया जा चुका है लेकिन क़रीब 270 लोग अब भी वहाँ बंदी हैं.
गेट्स ने अमरीकी सीनेट की एक सुनवाई के दौरान कहा, "हम फँस चुके हैं. बंदियों को उनके देश की सरकार स्वीकार नहीं करेगी. फिर हमें चिंता इस बात की है कि क़ैदियों को उनके देश की सरकार खुला छोड़ देगी."
साख पर आँच
उन्होंने सवाल किया, "हम उन 70-80 क़ैदियों का क्या करें जिन्हें ना तो छोड़ा जा सकता है ना ही उन पर कोई आरोप तय किया जा सकता है. इन क़ैदियों को उनके देशों को भी नहीं सौंपा जा सकता है."
डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर डैनी फ़िंसटिन ने गेट्स को कहा, "दुनिया की नज़रों मे हमारी साख पर जो आँच आई है वह आप के कहे से ख़त्म होने वाला नहीं है."
मानवाधिकार समूहों ने गेट्स के रवैये की निंदा की है.