बुधवार, 21 मई, 2008 को 11:22 GMT तक के समाचार
इसराइल ने कहा है कि वह सीरिया के साथ एक व्यापक शांति समझौते के लिए बातचीत कर रहा है लेकिन यह बातचीत अप्रत्यक्ष रूप से हो रही है यानी इसराइल का कोई अधिकारी या नेता इसमें भाग नहीं ले रहा है.
इसराइल के प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट के कार्यालय से जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि दोनों ही पक्ष "खुले तौर पर और सदभाव के तहत" बातचीत कर रहे हैं.
हाल के महीनों में ऐसी ख़बरें चल रही थीं कि इसराइल और सीरिया में बातचीत कराने के लिए तुर्की मध्यस्थता कर रहा है लेकिन इसराइल की तरफ़ से इस बातचीत की पुष्टि के लिए पहली बार यह आधिकारिक वक्तव्य जारी किया गया है.
इसराइल और सीरिया के बीच पिछली बातचीत वर्ष 2000 में हुई थी लेकिन वह इस मुद्दे पर नाकाम हो गई थी सीरिया की गोलान पहाड़ियों से इसराइल किस हद तक हटे. ग़ौरतलब है कि 1967 के युद्ध के बाद से सीरिया की गोलान पहाड़ियों पर इसराइल का क़ब्ज़ा है और सीरिया की माँग रही है कि इसराइल उन पहाड़ियों से हट जाए.
इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट के प्रवक्ता मार्क रीगेव ने बुधवार को कहा, "दोनों पक्षों ने यह संकेत दिया है कि वे बातचीत को एक गंभीर पड़ाव पर ले जाना चाहते हैं ताकि पूर्ण शांति की स्थिति हासिल की जा सके."
अप्रैल 2008 में ऐसी ख़बरें आई थीं कि तुर्की के प्रधानमंत्री रीसेप तैय्यप अर्दोगान इसराइल और सीरिया के बीच बातचीत की मध्यस्थता कर रहे हैं. इसराइल और सीरिया तकनीकी तौर पर गोलान पहाड़ियों के मुद्दे पर लड़ाई की स्थिति में हैं.
सीरिया के एक मंत्री ने कहा है कि इसराइल के प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने गोलान पहाड़ियाँ लौटाने की पेशकश की है बशर्ते कि इसके बदले शांति की गारंटी दी जा सके.
एहूद ओलमर्ट इस समय अपने ही देश में भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हैं और यरूशलम में मौजूद बीबीसी संवाददाता कत्या एडलर का कहना है कि प्रधानमंत्री के आलोचकों का ख़याल है कि सीरिया के साथ शांति वार्ता की पुष्टि दरअसल भ्रष्टाचार के आरोपों से ध्यान हटाने की एक कोशिश हो सकती है.