मंगलवार, 20 मई, 2008 को 13:54 GMT तक के समाचार
चीन में अधिकारियों ने कहा है कि पिछले हफ़ते आए भूकंप के बाद सिचुआन प्रांत में मारे गए लोगों की संख्या का आँकड़ा 40075 हो गया है.
चीन के कैबिनेट के मुताबिक कुल 236359 लोग घायल हैं जबकि करीब 32 हज़ार लोग लापता हैं. करीब 50 लाख लोग बेघर हो गए हैं.
और लोगों की ज़िंदा बचा पाने की उम्मीद कम होती जा रही है. हालांकि विदेशी राहत एजेंसियाँ अब इलाक़े में पहुँचने लगी हैं.
स्थानीय मीडिया ने बताया कि एक व्यक्ति को बिजली संयंत्र के मलबे से 179 घंटों बाद ज़िंदा निकाला गया है. राहतकर्मी उसे एक ट्यूब के ज़रिए मीठा पानी दे रहे थे.
भूकंप आने के आठ दिन बाद भी शव निकाले जा रहे हैं. राहतकर्मी अब ज़्यादा ध्यान भूकंप प्रभावित लोगों को खाना, पानी और रहने की जगह मुहैया पर दे रहे हैं.
चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने सेना को आदेश दिया था कि वो भूकंप प्रभावित हर कस्बे और गाँव तक जाकर लोगों को बचाने की कोशिश करे.
मदद की अपील
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मारे गए लोगों की याद में चीन में तीन दिन का राष्ट्रीय शोक चल रहा है. मंगलवार को शोक का दूसरा दिन है. वहाँ राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका हुआ है और ओलंपिक टॉर्च रिले भी स्थिगत कर दी गई है.
चीन के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वो टेंट मुहैया करवाए.
राहत कार्यों के लिए पैसा जुटाने के मकसद से चीन सरकार अगले महीने विशेष स्टैंप जारी कर रही है. इन पर लाल रंग की पृष्ठभूमि में दो दिल बने हुए हैं. करीब एक करोड़ तीस लाख स्टैंप की बिक्री के ज़रिए 20 लाख डॉलर जुटने की उम्मीद है.
लेकिन जापान के विदेश मंत्री ने चीन की आलोचना की है कि उसने पहले विदेशी राहतकर्मियों के सेवाएँ स्वीकार नहीं की.
भूकंप प्रभावित इलाक़ों में रूस और ताइवान के चिकित्सक दल पहुँच गए हैं. जापान, जर्मनी और इटली की टीमें भी पहुँच रही हैं लेकिन कई देशों को चीन में आने की अनुमति नहीं दी गई है.
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है, "भूकंप प्रभावित इलाक़ों में कई तरह की दिक्कते हैं-यातायात की, संचार की. इसलिए हमारे लिए संभव नहीं है कि सभी राहत दलों की मदद हम स्वीकार कर पाएँ."
चीन में आए बड़े भूकंप के बाद भी कई बार झटके महसूस किए जा चुके हैं. सोमवार को सरकार ने सिचुआन प्रांत में चेतावनी दी थी कि और झटके आ सकते हैं जिसके बाद हज़ारों लोग अपने-अपने घरों में बाहर निकल आए थे.