सोमवार, 12 मई, 2008 को 14:35 GMT तक के समाचार
भूकंप ने अब तक हज़ारों लोगों की जानें ले ली हैं. भूकंप की भविष्यवाणी संबंधी तकनीक में सुधार के बावजूद भूकंप से मरने वालों की संख्या में कमी लाने में सफलता हासिल नहीं हो पाई है.
प्रस्तुत है दुनिया के कुछ बड़े भूकंपों का लेखा-जोखाः
तीन फ़रवरी, 2008
वर्ष 2008 में फ़रवरी महीने में कॉंगो और रवांडा में ज़बरदस्त भूकंप आया. इसमें 45 लोग मारे गए.
छह मार्च, 2007
इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में 6.3 तीव्रता का भूकंप, 70 लोगों की मौत
27 मई, 2006
इंडोनेशिया के योगजकार्ता में आए भूकंप में छह हज़ार लोग मारे गए और 15 लाख बेघर हो गए.
आठ अक्तूबर, 2005
पाकिस्तान में 7.6 तीव्रता वाला भीषण भूकंप आया जिसमें करीब 75 हज़ार लोग मारे गए. करीब 35 लाख लोग बेघर हुए.
28 मार्च, 2005:
इंडोनेशिया में आए भूकंप में लगभग 1300 लोग मारे गए. रिक्टर स्केल में यह 8.7 मापा गया था.
22 फ़रवरी, 2005:
ईरान के केरमान प्रांत में लगभग 6.4 तीव्रता के आए भूकंप में लगभग 100 लोग मारे गए थे.
26 दिसंबर,2004:
भूकंप के कारण उत्पन्न सूनामी लहरों ने एशिया में हज़ारों लोगों की जान ले ली थी. इस भूकंप की तीव्रता 8.9 मापी गई थी.
24 फ़रवरी, 2004:
मोरक्को के तटीय इलाक़े में आए भूकंप ने 500 लोगों की जान ले ली थी.
26 दिसंबर, 2003:
दक्षिणी ईरान में आए भूकंप में 26 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी.
21 मई 2003:
अल्जीरिया में बड़ा भूकंप आया. इसमें दो हज़ार लोगों की मौत हो गई थी और आठ हज़ार से अधिक लोग घायल हुए थे.
1 मई 2003:
तुर्की के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में आए भूकंप में 160 से अधिक लोगों की मौत हो गई जिसमें 83 स्कूली बच्चे शामिल थे.
24 फरवरी 2003:
पश्चिमी चीन में आए भूकंप में 260 लोग मारे गए और 10 हज़ार से अधिक लोग बेघर हो गए.
21 नवंबर 2002:
पाकिस्तान के उत्तरी दियामीर ज़िले में भूकंप में 20 लोगों की मौत.
31 अक्टूबर, 2002:
इटली में आए भूकंप से एक स्कूल की इमारत गिर गई जिससे एक क्लास के सभी बच्चे मारे गए.
12 अप्रैल 2002:
उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में दो महीनों में ये तीसरा भूकंप का झटका था. इसमें अनेक लोग मारे गए.
25 मार्च 2002:
अफ़ग़ानिस्तान के उत्तरी इलाक़े में भूकंप मे 800 से ज़्यादा लोग मरे. भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6 थी.
3 मार्च 2002:
अफ़ग़ानिस्तान में एक अन्य भूकंप ने 150 को मौत की नींद सुलाया. इस भूकंप की तीव्रता 7.2 मापी गई थी.
3 फ़रवरी 2002:
पश्चिमी तुर्की में भूकंप में 43 मरे. हज़ारों लोग बेघर.
24 जून 2001:
दक्षिणी पेरू में भूकंप में 47 लोग मरे. भूकंप के 7.9 तीव्रता वाले झटके एक मिनट तक महसूस किए जाते रहे.
13 फ़रवरी 2001:
अल साल्वाडोर में दूसरे बड़े भूकंप की वजह से कम से कम 300 लोग मारे गए. इस भूकंप को रिक्टर स्केल पर 6.6 मापा गया.
26 जनवरी 2001:
भारत के गुजरात राज्य में रिक्टर स्केल पर 7.9 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया. इसमें कम से कम तीस हज़ार लोग मारे गए और क़रीब 10 लाख लोग बेघर हो गए. भुज और अहमदाबाद पर भूकंप का सबसे अधिक असर पड़ा.
13 जनवरी 2001:
अल साल्वाडोर में 7.6 तीव्रता का भूकंप आया. 700 से भी अधिक लोग मारे गए.
6 अक्टूबर 2000:
जापान में रिक्टर स्केल पर 7.1 तीव्रता का एक भूकंप आया. इसमें 30 लोग घायल हुए और क़रीब 200 मकानों को नुकसान पहुंचा.
21 सितंबर 1999:
ताईवान में 7.6 तीव्रता का एक भूकंप आया. इसमें ढाई हज़ार लोग मारे गए और इस द्वीप के हर मकान को नुकसान पहुंचा.
17 अगस्त 1999:
तुर्की के इमिट और इंस्ताबूल शहरों में रिक्टर स्केल पर 7.4 तीव्रता का भूकंप आया. इस भूकंप की वजह से सतरह हज़ार से अधिक लोग मारे गए और हज़ारों अन्य घायल हुए.
29 मार्च 1999:
भारत के उत्तरप्रदेश राज्य के उत्तरकाशी और चमोली में दो भूकंप आए और इनमें 100 से अधिक लोग मारे गए.
25 जनवरी 1999:
कोलंबिया के आर्मेनिया शहर में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया. इसमें क़रीब एक हज़ार लोग मारे गए.
17 जुलाई 1998:
न्यू पापुआ गिनी के उत्तरी-पश्चिमी तट पर समुद्र के अंदर आए भूकंप से बनी लहरों ने तबाही मचा दी. इसमें एक हज़ार से भी अधिक लोग मारे गए.
26 जून 1998:
तुर्की के दक्षिण-पश्चिम में अदना में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया जिसमें 144 लोग मारे गए. एक हफ़्ते बाद इसी इलाक़े में दो शक्तिशाली भूकंप आए जिनमें एक हज़ार से अधिक लोग घायल हो गए.
30 मई 1998:
उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में एक बड़ा भूकंप आया. इसमें चार हज़ार लोग मारे गए.
फ़रवरी 1997:
उत्तर-पश्चिमी ईरान में रिक्टर स्केल पर 5.5 तीव्रता का एक भूकंप आया जिसकी वजह से एक हज़ार लोग मारे गए.
तीन महीने बाद 7.1 तीव्रता का भूकंप आया जिसकी वजह से पश्चिमी ईरान में डेढ़ हज़ार से अधिक लोग मारे गए.
27 मई 1995:
रूस के सुदूर पूर्वी द्वीप सखालीन में 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया जिसकी वजह से क़रीब दो हज़ार लोगों की मृत्यु हो गई.
17 जनवरी 1995:
जापान के कोबे शहर में शक्तिशाली भूकंप में छह हज़ार चार सौ तीस लोग मारे गए.
6 जून 1994:
कोलंबिया में आए भूकंप में क़रीब एक हज़ार लोग मारे गए.
30 सितंबर 1993:
भारत के पश्चिमी और दक्षिणी हिस्सों में आए भूकंपों में क़रीब दस हज़ार ग्रामीणों की मृत्यु हो गई.
21 जून 1990:
ईरान के उत्तरी राज्य गिलान में आए एक भूकंप ने चालीस हज़ार से भी अधिक लोगों की जान ले ली.
17 अक्टूबर 1989:
कैलिफ़ोर्निया में आए भूकंप में 68 लोग मारे गए.
7 दिसंबर 1988:
उत्तर-पश्चिमी आर्मेनिया में रिक्टर स्केल पर 6.9 तीव्रता के एक भूकंप ने पच्चीस हज़ार लोगों की जान ले ली.
19 सितंबर 1985:
मैक्सिको शहर एक शक्तिशाली भूकंप से बुरी तरह से हिल गया. इसमें बड़ी इमारतें तबाह हो गईं और दस हज़ार से अधिक लोग मारे गए.
23 नवंबर 1980:
इटली के दक्षिणी हिस्से में आए भूकंप की वजह से सैंकड़ों लोग मारे गए.
28 जुलाई 1976:
चीन का तांगशान शहर भूकंप की वजह से मिट्टी में मिल गया. इसमें पांच लाख से अधिक लोग मारे गए.
27 मार्च 1964
रिक्टर स्केल पर 9.2 तीव्रता के एक भूकंप ने अलास्का में 25 लोगों की जान ले ली और बाद के झटकों की वजह से 110 और लोग मारे गए.
22 मार्च 1960:
दुनिया में अब तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप चिली में आया. इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 9.5 दर्ज की गई. कई गांव के गांव तबाह हो गए और सैंकड़ों मील दूर हवाई में 61 लोग मारे गए.
28 जून 1948:
पश्चिमी जापान में पूर्वी चीनी समुद्र को केंद्र बनाकर भूकंप आया जिसमें तीन हज़ार से ज़्यादा लोग मारे गए.
31 मई, 1935
क्वेटा और उसके आसपास के इलाक़ों में आए ज़बरदस्त भूकंप में लगभग 35 हज़ार लोगों की जानें गईं.
1935:
ताईवान में रिक्टर स्केल पर 7.4 तीव्रता का एक भूकंप आया जिसकी वजह से तीन हज़ार दो सौ लोग मारे गए.
1 सितंबर 1923:
जापान की राजधानी टोक्यो में आया ग्रेट कांटो भूकंप. इसकी वजह से 142,800 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा.
18 अप्रैल 1906:
सैन फ़्रांसिस्को में कई मिनट तक भूकंप के झटके आते रहे. इमारतें गिरने और उनमें आग लगने की वजह से सात सौ से तीन हज़ार के बीच लोग मारे गए.