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शुक्रवार, 02 मई, 2008 को 15:59 GMT तक के समाचार

राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों की घोषणा

ज़िम्बाब्वे में राष्ट्रपति चुनाव के क़रीब पाँच सप्ताह बाद चुनाव आयोग ने नतीजे की घोषणा की है.

चुनाव आयोग के मुताबिक़ इस चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार मॉर्गन चांगिरई की जीत हुई है लेकिन उन्हें राष्ट्रपति बनने के लिए जितने प्रतिशत मत चाहिए थे, वो नहीं हासिल हुए.

आधिकारिक नतीजों के मुताबिक़ चांगिरई को 47.9 प्रतिशत मत हासिल हुए हैं जबकि राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे को 43.2 फ़ीसदी वोट ही मिले.

मुख्य चुनाव अधिकारी लवमोर सीकेरमाई ने कहा है कि इस चुनाव में पूर्व वित्त मंत्री सिम्बा मकोनी 8.3 फ़ीसदी मत के साथ तीसरे स्थान पर रहे.

पहले दौर में ही जीत हासिल करने के लिए 50 फ़ीसदी से ज़्यादा मतों की आवश्यकता है.

इसका मतलब ये हुआ कि अब राष्ट्रपति चुनाव दूसरे दौर में चला गया है. राष्ट्रपति मुगाबे के एक प्रवक्ता ने कहा है कि नतीजे से उन्हें कोई आश्चर्य नहीं हुआ है.

आरोप

लेकिन चांगिरई की पार्टी मूवमेंट फ़ॉर डेमोक्रेटिक चेंज (एमडीसी) ने कहा है कि नतीजे 'अपमानजनक' हैं. चांगिरई की पार्टी मुगाबे समर्थकों पर आरोप लगाती है कि उन्होंने चुनाव में धांधली की है और 29 मार्च के चुनाव के बाद लोगों को डरा-धमका रहे हैं और हिंसा फैला रहे हैं.

अब चुनाव आयोग का कहना है कि दूसरे दौर के चुनाव की तारीख़ की घोषणा बाद में की जाएगी. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि इसकी पूरी संभावना है कि सिम्बा मकोनी दूसरे दौर के चुनाव में चांगिरई का समर्थन करेंगे.

चुनाव नतीजे पर टिप्पणी करते हुए मुगाबे की ज़ानू-पीएफ़ पार्टी के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि दोनों दलों को ऐसे नतीजों की उम्मीद थी.

प्रवक्ता ने कहा कि चूँकि पहले दौर के चुनाव में कोई भी विजेता नहीं बन पाया है इसलिए दूसरे दौर के चुनाव होंगे और इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है.

विपक्षी नेता चांगिरई पहले ये कह चुके हैं कि जब तक चुनाव में अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को नहीं बुलाया जाता, वे दूसरे दौर के चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे.

दूसरी ओर चांगिरई की एमडीसी पार्टी का कहना है कि दूसरे दौर के चुनाव की आवश्यकता ही नहीं है.

एमडीसी के प्रवक्ता नेल्सन चमीसा ने कहा, "सारी चीज़ें बेईमानी है. ये दिन-दहाड़े डकैती है. सभी ये जानते हैं. हमने चुनाव में जीत हासिल की है लेकिन हमें ऐसे नतीजे बताए जा रहे हैं ताकि मुगाबे को बचाया जा सके."

एमडीसी के महासचिव टेन्डई बिटी ने बीबीसी को बताया कि वे इस मामले में अदालत का दरवाज़ा खटखटाएँगे.