गुरुवार, 01 मई, 2008 को 10:54 GMT तक के समाचार
इटली में कुछ ही दिनों में जाने वाली सरकार ने तमाम देशवासियों की घोषित आमदनी वेबसाइट पर ज़ाहिर कर दी है जिससे पूरे देश में काफ़ी हाय-तौबा मची हुई है.
टैक्स प्राधिकरण की इस वेबसाइट पर दी गई इस जानकारी में यह भी शामिल है कि कौन लोग कितना कर अदा करते हैं.
यह जानकारी वेबसाइट पर आने के बाद बहुत से लोग यह जानने के उत्सुक थे कि उनके पड़ोसी, नामी-गिरामी हस्तियाँ और बड़े-बड़े खिलाड़ी कितना कर अदा करते हैं.
इटली के वित्त मंत्रालय ने शिकायत के बाद इस वेबसाइट को फिलहाल बंद कर दिया है. यह वेबसाइट बिना किसी चेतावनी के लगभग एक दिन के लिए उपलब्ध रही और काफ़ी लोगों ने इस पर उपलब्ध जानकारी देख ली.
खट्टे अंगूर
मिलान में बीबीसी संवाददाता मार्क डफ़ का कहना है कि कुछ ही दिनों की मेहमान सरकार का यह भी एक ऐसा कारनामा था जिसने विवाद खड़ा कर दिया और इससे इटली के बहुत से ऐसे लोग सकते में आ गए जो अपनी कर अदायगी के बारे में जानकारी ज़ाहिर नहीं करवना चाहते थे.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार इसके बावजूद यह क़दम काफ़ी लोकप्रिय हुआ और कुछ ही घंटों में वेबसाइट उपलब्ध जानकारी को देखने के लिए बेतहाशा लोग आए. वेबसाइट पर लोगों का ऐसा ताँता लगा कि फिर वह खुलनी ही बंद हो गई.
इटली के वित्त मंत्रालय ने इसे पारदर्शिता बढ़ाने वाला एक क़दम क़रार दिया है लेकिन आलोचकों का कहना है कि यह लोगों की निजता में सरासर दखलअंदाज़ी है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ताज्जुब की बात ये है कि इटली की मौजूदा सरकार बस कुछ ही दिनों में नए प्रधानमंत्री सिलवियो बर्लुस्कोनी को सत्ता सौंपने वाली है इसलिए जाने वाली इस सरकार के इस क़दम पर लोगों ने ख़ासी हाय-तौबा मचाई.
मौजूदा सरकार जब सत्ता में आई थी तो उसने वादा किया था कि वह ऐसे देशवासियों के बारे में कुछ ठोस कार्रवाई करेगी जो कर अदायगी में ढीलापन बरतते हैं.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार दूसरी तरफ़ कुछ लोगों का कहना है कि इस सरकार ने यह क़दम इसलिए उठाया है क्योंकि उसके लिए अंगूर खट्टे हैं क्योंकि उसका कार्यकाल समाप्त हो रहा है.