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शनिवार, 26 अप्रैल, 2008 को 11:02 GMT तक के समाचार

विपक्षी दलों ने सीटें बरकरार रखीं

ज़िम्बाब्वे में चुनाव आयोग ने पिछले महीने हुए संसदीय चुनाव की पुनर्मतगणना के सात और नतीजे जारी किए हैं.

इस पुनर्मतगणना के नतीजे बदले नहीं हैं. इसका मतलब है कि नीचले सदन में सत्ताधारी ज़ानू-पीएफ़ पार्टी के लिए विपक्ष के बहुमत को चुनौती देना और मुश्किल हो जाएगा.

अभी दस और सीटों पर दोबारा मतगणना के परिणाम आने बाक़ी हैं. यहाँ पहले विपक्षी दल का क़ब्ज़ा था. सत्ताधारी पार्टी को इनमें से कम से कम नौ सीटें जीतनी होंगी.

चार हफ़्ते पहले हुए राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे अब तक घोषित नहीं किए गए हैं. इस कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई जा रही है.

अमरीका के सहायक विदेश मंत्री जेनडाई फ़्रेज़र ने कहा है कि ज़िम्बाब्वे में सरकारी स्तर पर लोगों को डराया धमकाया जा रहा है जिस वजह से अगर राष्ट्रपति चुनाव में दूसरे चरण का मतदान करवाना पड़ा तो निष्पक्ष चुनाव करवाना संभव नहीं है.

उन्होंने कहा कि इसका हल यही है कि मिली जुली सरकार बने जिसका नेतृत्व विपक्षी दल मूवमेंट फ़ॉर डेमोक्रेटिक चेंज करे.

ज़िम्बाब्वे के सरकारी अख़बार का कहना है कि दोबारा मतगणना में ज़ानू-पीएफ़ ने दो सीटें पर क़ब्ज़ा बरकरार रखा है जबकि विपक्षी दल एमडीसी को चार सीटें मिली हैं.

छह सीटों पर नतीजे घोषित कर दिए गए हैं लेकिन दस सीटों पर अभी दोबारा मतगणना जारी है.

विपक्षी दल एसडीसी कहता आया है कि उसके नेता मॉर्गन चांगिरई का राष्ट्रपति चुनाव जीच गए हैं जबकि स्वतंत्र पर्यवेक्षकों के मुताबिक वे 50 फ़ीसदी मत हासिल करने में थोड़ा सा चूक गए जिस वजह से रन-ऑफ़ चुनाव ज़रूरी होगा.

ज़ानू-पीएफ़ का भी कहना है कि चूँकि किसी भी उम्मीदवार को 50 फ़ीसदी मत हासिल नहीं हुए हैं इसलिए दूसरे चरण का मतदान करवाना होगा.