बुधवार, 23 अप्रैल, 2008 को 00:49 GMT तक के समाचार
अमरीका में डेमोक्रैटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया में मंगलवार को पेंसिलवेनिया प्रांत में मतदान हो रहा है.
सेनेटर हिलेरी क्लिंटन को राष्ट्रपति पद की दौड़ में बने रहने के लिए पेंसिल्वेनिया में बड़ी जीत हासिल करनी होगी.
पर इस दौरान जो एक बात सबसे ज़्यादा चर्चा में आई, वो थी दोनों डेमोक्रेट नेताओं की ईरान के बारे में की गई टिप्पणियाँ.
अमरीकी टीवी चैनल एबीसी ने जब सेनेटर हिलेरी क्लिंटन से पूछा कि अगर कभी ईरान ने इसराइल पर परमाणु हमला किया तो वो क्या करेंगी तो जवाब में हिलेरी क्लिंटन ने ईरान नामोनिशान मिटा देने की चेतावनी जारी कर डाली.
उन्होंने कहा, "मैं ईरानियों को बता देना चाहती हूँ कि अगर मैं तब राष्ट्रपति रही तो हम ईरान पर हमला कर देंगे. मैं चाहती हूँ कि वो इस बात को समझें क्योंकि उन्हें अपने समाज की ओर देखना होगा."
ग़ौरतलब है कि दोनों प्रत्याशियों की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद भारत यात्रा पर जाने वाले हैं.
उनकी इस यात्रा से पहले अमरीका ने भारत को सलाह दी है कि वो ईरान से परमाणु कार्यक्रम बंद करने को कहे. इसपर भारत सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि उसके द्विपक्षीय संबंधों के बारे में किसी और की सलाह की ज़रूरत नहीं है.
ईरान बना मुद्दा
हिलेरी तीखा हमला करते हुए कहती हैं, "उनका परमाणु कार्यक्रम जिस भी स्तर पर हो, अगर वो अगले 10 साल में इसराइल पर मूर्खतापूर्ण हमला करते हैं तो हम उनका नामोनिशान मिटा देंगे. ये कहना कोई अच्छी बात नहीं है लेकिन मैं चाहती हूँ कि जो लोग ईरान को चला रहे हैं वो ये बात समझ लें ताकि वो जल्दबाज़ी में ऐसा कोई मूर्खतापूर्ण और त्रासद क़दम न उठाएँ."
लेकिन दूसरी ओर जब टीवी चैनल ने बराक ओबामा से इस पर प्रतिक्रिया माँगी तो उनका बयान ईरान और हिलेरी दोनों को घेरने वाला था.
बराक ने स्पष्ट तौर पर कहा, "पिछले वर्षों में हमने देखा है कि नामोनिशान मिटा देंगे जैसी बातें करने के कोई अच्छे नतीजे सामने नहीं आते. इसीलिए ऐसी बयानबाजी़ में मेरी कोई दिलचस्पी नहीं है."
हालांकि उन्होंने कहा कि ईरानियों को पता होना चाहिए कि अगर उन्होंने इसराइल या हमारे मित्र देशों पर हमला किया तो उन्हें कड़ा जवाब मिलेगा, फिर वो हमला चाहे परमाणु हमला हो या परंपरागत हथियारों से किया गया हमला.