सोमवार, 21 अप्रैल, 2008 को 02:16 GMT तक के समाचार
पोप बेनेडिक्ट ने अपनी अमरीका यात्रा के अंतिम चरण में न्यूयॉर्क के 'ग्राउंड ज़ीरो' पहुँच कर 9/11 के हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी.
उन्होंने नौ सितंबर 2001 को हुए चरमपंथी हमले के समय वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में मौजूद उन लोगों का अभिवादन किया जो अपनी जान बचाने में कामयाब रहे.
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर की दोनों मीनारें विमान हमले में ज़मीदोंज़ हो गई थी और इसमें दो हज़ार 749 लोग मारे गए थे.
पोप ने हमले में मारे गए लोगों के लिए प्रार्थना की. उन्होंने मारे गए लोगों की याद में मोमबत्ती जलाई और ग्राउंड ज़ीरो को 'विभत्स हिंसा और दर्द' का गवाह बताया.
उन्होंने मारे गए लोगों के 24 परिजनों से मुलाक़ात की और उनसे थोड़ी देर बातचीत भी की.
जानकार उनकी अमरीका यात्रा को सफल बता रहे हैं. बीबीसी संवाददाता डेविड विली का कहना है कि न्यूयॉर्क में उनकी धार्मिक सभा के लिए जितने टिकट बुक किए गए थे वो कम पड़ गए.
पोप ने इस यात्रा में बेबाकी से अपनी बात रखी और पहली बार सार्वजनिक तौर पर बताया कि कैसे वो हिटलर की नात्सी सेना में शामिल होने पर मज़बूर हुए थे.