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सोमवार, 21 अप्रैल, 2008 को 23:42 GMT तक के समाचार

ब्रजेश उपाध्याय
बीबीसी संवाददाता, अमरीका

ओबामा-हिलेरी फिर आमने-सामने

लगभग सवा महीने के बाद बराक ओबामा और हिलेरी क्लिंटन आज एक बार फिर आमने सामने हैं पेनसिलवैनिया में.

पिछला मुक़ाबला हुआ था मिसिसिपी में और उसके बाद के इस लंबे इंटरवल में ख़ामोशी रहेगी, इसकी तो किसी को उम्मीद नहीं थी लेकिन राजनीतिक तू-तू, मैं-मैं का ऐसा खेल देखने को मिलेगा इसका अंदाज़ा शायद ही किसी को रहा होगा.

पहले, बराक ओबामा बुरी तरह फंसे जब उनके बेहद क़रीबी और उनके चर्च के पादरी पैस्टर राइट के कई ऐसे बयान वेबसाइट यू ट्यूब पर नज़र आए जो किसी भी उम्मीदवार के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं.

पता चला कि उन्होंने काले लोगों के इस चर्च में कई बार अमरीका और अमरीकी नीतियों को भला बुरा कहा था.

इसके बाद ओबामा पर दबाव बढ़ा कि वो ये कहें कि जिस पैस्टर राइट को कल तक वो अपने परिवार का हिस्सा कहते थे, उनसे वो नाता तोड़ रहे हैं.

ओबामा की मुश्किल ये थी कि अगर रिश्ता तोड़ने की बात करें तो काले समुदाय में बुरे बनें, नहीं करें तो देश के गोरे वोटर नाराज़.

उन्होंने बीच का रास्ता निकाला और नस्लभेद की सम्स्या पर एक ज़बरदस्त भाषण दे डाला. मामला कुछ ठंडा हुआ है लेकिन दबा नहीं है.

हिलेरी की समस्या

उधर हिलेरी क्लिंटन 1996 के अपने बोस्निया दौरे के बयान पर फंस गईं.

उन्होंने कहा कि जब वो वहां उतरी थीं तो हवाई अ़ड्डे के आसपास गोलियां चल रही थीं और वो बचते बचाते निकली थीं. एक अख़बार ने खोजबीन की, पता चला ऐसा कुछ नहीं हुआ था.

बस ओबामा कैंप टूट पड़ा और हिलेरी को एक टीवी डिबेट में माफ़ी मांगनी पड़ी.

लेकिन फिर ओबामा ने बयान दे दिया कि देश के कई हिस्सों में लोगों में इतनी कड़वाहट है इसलिए वो धर्म और बंदूक से चिपके रहते हैं.

अमरीका के एक बड़े तबके के लिए धर्म बहुत मायने रखता है और बंदूक रखना भी संस्कृति का हिस्सा है.

हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि ओबामा ने ये बयान देकर कुछ लोगों की संस्कृति को छोटा कहा है और ज़मीनी हक़ीकत से वो कटे हुए हैं.

ओबामा फिर बैकफ़ुट पर नज़र आए और जब देखा कि हिलेरी के हमले बंद नहीं हो रहे, तो उन्होंने भी जवाबी हमला शुरू कर दिया.

डाल-डाल, पात-पात

ये आपसी बयानबाज़ी और तीखी होगी इसमें कोई शक नहीं क्योंकि अभी भी फ़ैसला कोसों दूर नज़र आ रहा है.

पेंसिलवेनिया में चुनाव से पहले हुए सर्वे में हिलेरी ओबामा से आगे चल रही हैं लेकिन अब तक जितने चुनाव हो चुके हैं उनमें ओबामा ने ज़्यादा जीत हासिल की है.

हिलेरी क्लिंटन की दलील है कि उन्होंने उन बड़े राज्यों में जीत हासिल की है जिन्हें जीते बिना राष्ट्रपति पद हासिल करने की कोई सोच भी नहीं सकता और पेंसिलवेनिया ऐसा ही एक राज्य है.

विश्लेषकों का कहना कि अगर हिलेरी ने बड़े अंतर से ओबामा को यहां हराया तब वो अपना दावा बरकरार रख सकती हैं.

लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो फिर उनपर मैदान से हटने का दबाव और बढ़ेगा क्योंकि ये रेस जितनी लंबी खिंच रही है उससे डेमोक्रेट्स को डर है कि पार्टी आपस में ही बंट रही है और घर की इस लड़ाई का फ़ायदा मिल रहा है रिपबलिकन पार्टी को.