रविवार, 20 अप्रैल, 2008 को 10:34 GMT तक के समाचार
पोप बेनेडिक्ट (सोलहवें) ने पहली बार नात्सी काल के अपने अनुभव सार्वजनिक तौर पर लोगों से बाँटे हैं.
अमरीका के शहर न्यूयॉर्क में एक रैली को संबोधित करते हुए पोप ने कहा कि उनकी किशोरावस्था पर नात्सियों के खौफ़नाक शासनकाल का साया रहा.
पोप ने बताया, “किशोरावस्था में मुझे हिटलर यूथ गुट का सदस्य बनना पड़ा. उस समय जर्मनी के युवकों के लिए ये आम बात थी. फिर दूसरे विश्व युद्ध के दौरान मुझे जर्मन सेना में शामिल कर लिया गया.”
पोप बेनेडिक्ट ने बताया कि उन्होंने यु्द्ध के अंत में जर्मन सेना छोड़ दी और कुछ समय के लिए 1945 में उन्हें युद्ध बंदी भी बनाया गया.
जेल से छूटने के बाद पोप ने पढ़ाई की और प्रीस्ट बन गए.
पोप ने कहा कि सब लोगों को भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि इस पीढ़ी के बहुत सारे लोग आज़ादी से रह सकते हैं.
पोप बनने के बाद ये उनकी पहली अमरीका यात्रा है. शनिवार को उनके पोप बनने की तीसरी सालगिरह थी. इस मौके पर सेंट पैट्रिक पर विशेष मास का आयोजन किया गया.
9/11 स्थल पर जाएँगे
पोप ने ऐसे कैथलिक पादरियों की आलोचना की है जिनके ख़िलाफ़ बच्चों के शारीरिक शोषण के मामले हैं.
पोप ने कहा कि इससे प्रभावित बच्चों को तो नुकसान हुआ ही है लेकिन इससे अमरीका में चर्च की प्रतिष्ठा भी प्रभावित हुई है.
रविवार को पोप बेनेडिक्ट न्यूयॉर्क में उस स्थल पर जाएँगे जहाँ 9/11 के हमले हुए थे. इस हमले में करीब तीन हज़ार लोग मारे गए थे.
इसके अलावा उन लोगों को भी याद किया जाएगा जो लोग 11 सितंबर को पेंटागन पर हुए हमले में घायल हुए थे और यूनाइटेड फ़्लाइट-93 उड़ान पर सवार थे और मारे गए थे.
यैंकी बेसबॉल स्टेडियम में एक मास में हिस्सा लेने के बाद पोप बेनेडिक्ट रोम लौट जाएँगे.