शुक्रवार, 18 अप्रैल, 2008 को 03:10 GMT तक के समाचार
ज़िम्बाब्वे के विपक्षी नेता का कहना है कि वो सत्ताधारी ज़ानू-पीएफ़ पार्टी के साथ एक समझौते के क़रीब आ गए थे जिसके तहत राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे को हटाने पर सहमति बनी थी.
विपक्षी पार्टी मूवमेंट फ़ॉर डेमोक्रेटिक चेंज (एमडीसीएमडीसी) के नेता मॉर्गन चंगिरई का कहना है कि राष्ट्रपति के कुछ सलाहकारों ने उनसे संपर्क किया था और विवादास्पद चुनावों के बाद साझा सरकार बनाने के बारे में बात की.
हालाँकि कुछ ही दिनों में बातचीत टूट गई. अब चंगिरई ने दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति थाबो म्बेकी से इस मामले में मध्यस्थता की भूमिका छोड़ने की माँग की.
उन्होंने कहा कि म्बेकी के बदले जांबिया के राष्ट्रपति लेवी म्वानावासा को मध्यस्थ बनाया जाना चाहिए.
इस बीच दक्षिण अफ़्रीका ने कहा है कि वो अपनी जल सीमा से ज़िम्बाब्वे की ओर जा रहे चीन के एक जहाज़ को नहीं रोकेगा जिसमें हथियार भरे हुए हैं.
ख़बरों के मुताबिक चीन के इस मालवाहक जहाज़ में 30 लाख कारतूस और 1500 रॉकेट है.
और टूट गई बातचीत
एमडीसी के नेता चंगिरई ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में ज़ानू पार्टी के साथ हुई बातचीत के बारे में खुल कर जानकारी दी.
चंगिरई का कहना है कि उन्होंने आश्वासन दिया था कि वो सत्ता से हटने के बाद राष्ट्रपति मुगाबे समेत सत्ताधारी पार्टी के दूसरे अधिकारियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा नहीं चलाएंगे.
वो कहते हैं, "हम तो प्रस्तावित साझा राष्ट्रीय सरकार में ज़ानू पार्टी के भी कुछ सदस्यों को शामिल करने पर तैयार थे."
चंगिरई का कहना है कि बातचीत टूटने के पीछे सत्ता में बैठे कुछ लोगों का हाथ था.
ज़िम्बाब्वे में संसद के सभी सदनों के लिए 29 मार्च को चुनाव हुए थे, लेकिन राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव के परिणाम अभी घोषित नहीं किए गए हैं.
विपक्षी गठबंधन एमडीसी का दावा है कि उसके प्रत्याशी मॉर्गन चांगिरई ने राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे को चुनावों में हरा दिया है.