मंगलवार, 08 अप्रैल, 2008 को 08:16 GMT तक के समाचार
दुनिया के कुछ हिस्सों में ओलंपिक मशाल रिले को बाधा पहुंचाने की कोशिश की ख़बरों के बाद बीजिंग ओलंपिक आयोजन समिति ने कहा है कि कोई भी ताक़त ओलंपिक मशाल रिले को नहीं रोक सकती है.
अब तक लंदन और पेरिस में ओलंपिक मशाल को रोकने की कोशिश की अवहेलना कर रहे चीन ने इन हमलों को नीच कृत्य और ओलंपिक की शांति और सदभाव की भावना का विरोधी बताया.
पेरिस और लंदन में ओलंपिक मशाल की रिले के दौरान प्रदर्शनकारियों ने इसे रोकने की कोशिश की. पेरिस के बाद मशाल जल्द ही सैन फ़्रांसिस्को पहुँचने वाली है.
सैन फ़्रांसिस्को में तिब्बत समर्थक प्रदर्शनकारी गोल्डन गेट ब्रिज पर चढ़ गए और वहाँ पर चीन विरोधी बैनर लगा दिए.
इन बैनरों पर लिखा था- "एक ही दुनिया, एक ही सपना, मुक्त हो तिब्बत अपना."
इनमें से सात प्रदर्शनकारियों को साज़िश और जन कार्य में बाधा पहुँचने के आरोप में गिरफ़्तार कर लिया गया.
'रिले पूर्व योजनानुसार ही'
पेरिस में इस मशाल को तिब्बत समर्थकों के विरोध की वजह से तीन बार बुझाया गया. लेकिन इसकी ज्योति को सुरक्षित लैम्प में जलाए रखा गया.
ओलंपिक मशाल में ग्रीस के ओलंपिया में 24 मार्च को ज्योति जलाई गई थी और इसे बीजिंग में आठ अगस्त को ओलंपिक खेलों के उदघाटन से पहले 20 देशों से होकर गुज़ारा जाना है.
पेरिस और लंदन में ओलंपिक रिले को बाधा पहुँचाए जाने की आलोचना करते हुए बीजिंग ओलंपिक आयोजन समिति के प्रवक्ता सुन वीदे ने पत्रकारों से कहा कि मशाल रिले पूर्व नियोजित योजना के अनुसार ही चलेगी.
चीन के सरकारी मीडिया ने कहा है कि मशाल का स्वागत दुनिया भर में गर्मजोशी से किया जा रहा है. सरकारी टेलीविज़न ने पेरिस की सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों को ‘मुट्ठीभर तिब्बती आंदोलनकारी’ बताया.
हालांकि पेरिस में हुए चीन विरोधी प्रदर्शनों में सैकड़ों की तादाद में प्रदर्शनकारियों ने हिस्सा लिया.
सैन फ़्रांसिस्को में ग़िरफ़्तार एक तिब्बती प्रदर्शनकारी ने पत्रकारों से कहा, "अगर अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति मशाल को तिब्बत से गुज़ारने की इजाज़त देती है तो उनके हाथ खून से रंग जाएंगे."
उधर अमरीका में डेमोक्रेट पार्टी से राष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से अपील की है कि यदि चीन अपने देश में मानवाधिकारों की स्थिति नहीं सुधारता है तो अगस्त में बीजिंग में होने वाले ओलंपिक के उदघाटन समारोह का बहिष्कार किया जाए.