गुरुवार, 03 अप्रैल, 2008 को 08:37 GMT तक के समाचार
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन के बुकारेस्ट में हो रहे सम्मेलन में नैटो के 26 सदस्य देश अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अपने सैनिकों की संख्या और वहाँ अपनाई जाने वाली रणनीति के बारे में चर्चा कर रहे हैं.
रोमानिया की राजधानी बुकारेस्ट में हो रहा सम्मेलन नैटो का अब तक का सबसे बड़ा सम्मेलन है.
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई और संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून भी नैटो की अफ़ग़ानिस्तान पर बनाई जाने वाली रणनीति की चर्चा में भाग लेंगे.
फ़्रांस ने इस बात की पुष्टि की है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में अपने सैनिकों की एक बटालियन भेजेगा.
फ़ांस और सैनिक तैनात करेगा
फ़ांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी ने अपने भाषण में कहा, "मैंने तय किया है कि पूर्वी क्षेत्र में फ़ांस के सैनिकों की मौजूदगी को एक अतिरिक्त बटालियन तैनात कर और मज़बूत किया जाए."
महत्वपूर्ण है कि नैटो के नेतृत्व वाली अंतरराष्ट्रीय सेनाओं के कमांडर जनरल डेनियल मेकनील ने लगभग दस हज़ार अतिरिक्त सैनिक तैनात किए जाने की माँग की है.
इससे पहले कनाडा ने धमकी दी थी कि यदि और नैटो देश अपने सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में अपने सैनिक नहीं भेजते तो वह अपने सैनिकों को वापस बुला लेगा.
अमरीका ने वादा किया है कि वह दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में कनाडा की सैना की मदद के लिए कुछ अतिरिक्त सैनिक भेजेगा.
संभावना जताई गई है कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश और ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन नैटो के सदस्यों से अनुरोध करेंगे कि वे अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के ख़िलाफ़ लड़ाई में और सैनिक और धन-राशि उपलब्ध कराने के बारे में प्रतिबद्धता जताएँ.
जॉर्जिया, यूक्रेन की सदस्यता
सम्मेलन के दौरान चर्चा इस विषय पर भी होगी कि जॉर्जिया और यूक्रेन के साथ इन देशों का किस तरह का संपर्क रहेगा क्योंकि संकेत दिए गए हैं कि ये देश नैटो की सदस्यता के उम्मीदवार नहीं होंगे.
बीबीसी संवाददाता के अनुसार इन दोनो देशों के नेताओं के साथ भी विचार होगा ताकि इस मुद्दे पर रिश्तों को पहुँचने वाला नुकसान कैसे कम किया जाए.
फ़िलहाल यही तय हुआ है कि भविष्य में दोनों देशों के साथ क़रीबी रिश्तों पर विचार होगा.
लेकिन जॉर्जिया के एक वरिष्ठ राजनयिक का कहना था कि यदि जॉर्जिया को नैटो की सदस्यता से इनकार किया जाता है तो इस फ़ैसले को रूस के लिए एक जीत के रूप में देखा जाएगा.