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सोमवार, 24 मार्च, 2008 को 16:09 GMT तक के समाचार

'ग्रीन ज़ोन पर हमले में ईरान का हाथ'

इराक़ में अमरीका के सबसे वरिष्ठ कमांडर जनरल डेविड पेट्रियस ने कहा है कि रविवार को बग़दाद के ग्रीन जो़न पर हुए हमले के पीछे ईरान का हाथ है और उनके पास इसका सुबूत भी है.

जनरल डेविड पेट्रियस ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि वे मानते हैं कि ईरान ने उन लोगों को प्रशिक्षण, पैसा और हथियार दिए जिन्होंने रॉकेटों से हमला किया था.

ईरान ने इस आरोप का अभी कोई जबाव नहीं दिया है.

इराक़ पर हमले के पाँच साल में वहाँ मरने वाले अमरीकी सैनिकों की संख्या चार हज़ार तक पहुँच गई है.

इस बारे में जनरल पेट्रियस ने कहा कि ये दर्शाता कि इराक़ मिशन की क्या कीमत चुकानी पड़ी है. पर साथ ही उन्होंने कहा कि अमरीका इसे लेकर यथार्थवादी सोच रखता है.

'वादे तोड़े'

जनरल पेट्रियस ने कहा कि कई समुदायों की मदद के कारण इराक़ में प्रगति हुई है जैसे सुन्नी कबीलों का अल क़ायदा के ख़िलाफ़ हो जाना. उन्होंने कहा कि अमरीकी सेना भी इससे हैरान थी.

बीबीसी से एक साक्षात्कर में उन्होंने कहा कि इराक़ में हिंसा ईरान का गुट क़ुद्स फ़ोर्स फैला रहा है जो रेवोल्युशनरी गार्डस की शाखा है.

उनका कहना था, "ग्रीन ज़ोन पर 23 मार्च को हुए हमले में जो रॉकेट दागे गए थे वो ईरान में बने थे और ईरान ने ही मुहैया करवाए थे. जिस गुट ने रॉकेट दागे थे उन्हें कुद्स फ़ोर्स ने प्रशिक्षित किया था."

जनरल ने आरोप लगाया कि ये उन सब वादों का उल्लंघन है जो ईरान के राष्ट्रपति ने इराक़ी नेताओं से किए थे.

रविवार का दिन इराक़ में भारी हिंसा का दिन रहा और देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसा की घटनाओं में कम से कम 50 लोग मारे गए.

वैसे अतिरिक्त तीस हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात करने के बाद पिछले जून से इराक़ में हिंसा में कमी आई है.

कुछ दिन पहले ही इराक़ पर अमरीका के नेतृत्व में हुए हमले के पाँच साल पूरे हुए थे. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने उम्मीद जताई थी कि उसके बाद से इराक़ एक बेहतर देश बना है.