http://www.bbcchindi.com

रविवार, 23 मार्च, 2008 को 22:26 GMT तक के समाचार

इराक़ में हिंसा का दिन, 50 की मौत

रविवार का दिन इराक़ में भारी हिंसा का दिन रहा. देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई हिंसा की घटनाओं में कम से कम 50 लोग मारे गए.

राजधानी बग़दाद के अतिसुरक्षित ग्रीन ज़ोन में तो रॉकेट और मोर्टार से कई हमले हुए. इस हमले में कम से कम 15 आम नागरिकों की मौत हो गई. इनमें से पाँच लोग तो एक ही परिवार के थे.

बग़दाद स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ग्रीन ज़ोन में इतना बड़ा हमला पिछले एक साल से नहीं हुआ था. उनका कहना है कि हो सकता है कि महदी आर्मी के सदस्यों को पकड़ने की अमरीकी सैनिकों की मुहिम से इस हमले के तार जुड़े हुए हों.

बग़दाद के अलावा एक अन्य बड़ा हमला मूसल में हुआ. जहाँ एक आत्मघाती हमले में पुलिस चौकी को निशाना बनाया गया. आत्मघाती हमलावर ने ईंधन से भरे टैंकर से पुलिस चौकी पर टक्कर मारी.

बड़ा हमला

इस बड़े धमाके में 13 सैनिक मारे गए. इस हमले में कम से कम 40 लोग घायल भी हुए हैं. इराक़ी और अमरीकी सैनिक मूसल में एक बड़ी सैनिक कार्रवाई कर रहे हैं.

अमरीकी सैनिकों का कहना है कि मूसल चरमपंथी संगठन अल क़ायदा का अहम ठिकाना है. एक दूसरे आत्मघाती हमले में छह लोग मारे गए. ये हमला राजधानी बग़दाद में एक पेट्रोल स्टेशन के बाहर हुआ.

बग़दाद में ही गोलीबारी की घटना में सात और लोगों की मौत हो गई. ये घटना बग़दाद के एक बाज़ार में हुई जब तीन कारों में सवार बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलियाँ चलाई.

इसके अलावा किरकुक के पास इराक़ी सैनिकों पर हुए हमले में पाँच सैनिक मारे गए. जबकि समारा में हुए एक अन्य आत्मघाती हमले में तीन लोगों की जान चली गई.

दूसरी ओर अमरीकी सेना का दावा है कि उन्होंने बक़ूबा के पूरब में स्थित एक घर पर हमला करके 12 चरमपंथियों को मार डाला.

अमरीकी सैनिकों का दावा है कि ये चरमपंथी बड़े आत्मघाती हमले की तैयारी कर रहे थे. इराक़ में ऐसी घटनाएँ ऐसे समय हुई हैं जब पिछले जून से हिंसा में कमी आई है.

जून के बाद ही अमरीका ने इराक़ के हिंसाग्रस्त इलाक़ों में 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिकों को तैनात किया था.