बुधवार, 19 मार्च, 2008 को 00:10 GMT तक के समाचार
अमरीकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रत्याशी बराक ओबामा ने अपने पूर्व धर्मगुरु की टिप्पणी से हुए नुक़सान को कम करने की कोशिश शुरु कर दी है.
उन्होंने कहा कि वे श्वेत और अश्वेत अमरीकियों के बीच ग़ुस्से के इतिहास को समझ सकते हैं लेकिन अमरीका नस्लभेद के मामले को अनदेखा नहीं कर सकता.
पूर्व धर्मगुरु के विचार ख़ारिज
ऐसी ख़बरें आई थीं कि ओबामा के पूर्व धर्मगुरू रीव जेरेमियाह राइट ने 9/11 हमलों के बारे में कहा था कि वो ऐसी घटना थी जिसके लिए पिछली कुछ ग़लतियाँ ज़िम्मेदार थीं.
इलिनॉयज़ से सीनेटर बराक ओबामा ने कहा है कि 2001 में की गई यह टिप्पणी अब एक वेबसाइट पर प्रकाशित की गई है.
अपने पूर्व धर्म गुरू रीव जेरेमियाह राइट के विचारों को उन्होंने 'अमरीका के बारे में विकृत विचार' कहकर ख़ारिज कर दिया है.
बराक ओबामा चुनावों में अपने प्रतिद्वंद्वी हिलेरी क्लिंटन के काफ़ी क़रीब चल रहे हैं और 22 अप्रैल को होने वाला पेन्सिलवानिया प्रांत का प्राइमरी चुनाव दोनों के लिए अहम है.
फ़िलाडेल्फ़िया में भाषण देते हुए ओबामा ने कहा कि अमरीका में नस्लभेद का एक इतिहास रहा है लेकिन अब इसे दूर किया जाना चाहिए.
उन्होंने कहा, "नस्लभेद को लेकर जो नाराज़गी है वह वास्तविक है और ताक़तवर भी, इसे समझे बिना इसकी निंदा कर देने से खाई और गहरी ही होगी."
उन्होंने कहा कि एक अश्वेत पिता और श्वेत माता का बच्चा होने के नाते वे दोनों पक्षों की भावनाओं को समझते हैं.
शिकागो के काले धर्मगुरू रीव जेरेमियाह राइट ही ओबामा को ईसाइयत में लाए थे, ओबामा की शादी कराई थी और उनकी बेटियों की ईसाई धर्म में दीक्षा भी उन्होंने ही की थी.
बराक ओबामा 1990 से ही ट्रिनिटी चर्च के सदस्य रहे हैं. उन्होंने हफ़िंगटन पोस्ट नामक अख़बार पर एक ब्लॉग लिखा है जिसमें उन्होंने अपने पूर्व धर्मगुरू के के साथ अपने संबंधों पर बातचीत की है. उनके धर्मगुरू अब रिटायर हो चुके हैं.