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शनिवार, 08 मार्च, 2008 को 20:07 GMT तक के समाचार

विवादित पूछताछ को बुश का समर्थन

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने उस क़ानून को वीटो कर दिया है जिसमें सीआईए को जाँच के विवादित तरीक़ों के इस्तेमाल से रोकने का प्रावधान था.

अपने साप्ताहिक रेडियो भाषण में राष्ट्रपति बुश ने कहा उन्होंने संसद के दोनों सदनों से पारित क़ानून को इसलिए वीटो कर दिया क्योंकि इससे 'आतंक के ख़िलाफ़ युद्ध में इस्तेमाल में आने वाला एक अहम हथियार छिन जाएगा'.

राष्ट्रपति बुश ने कहा कि सीआईए को 'जाँच के विशेष तरीक़ों' की ज़रुरत होती है और इसकी ज़रुरत सेना को नहीं पड़ती.

पूछताछ के इन तरीक़ों में वॉटरबोर्डिंग शामिल है, जिसकी कई मानवाधिकार गुटों और सरकारों ने यह कहकर निंदा की है कि यह प्रताड़ना है.

वॉटरबोर्डिंग पूछताछ के लिए अपानाया जाने वाला वह तरीक़ा है जिसमें बंधक को लगता है कि वह डूबने वाला है.

हालांकि अपने रेडियो भाषण में जॉर्ज बुश ने वॉटरबोर्डिंग का ज़िक्र नहीं किया.

उन्होंने कहा, "संसद ने जो क़ानून पारित करके भेजा है उससे जाँच के सिर्फ़ एक तरीक़े पर रोक नहीं लगेगी, जैसा कि कुछ लोग बता रहे हैं."

उनका कहना था, "इसके बदले पूछताछ के वे सभी वैकल्पिक तरीक़े ख़त्म हो जाएँगे जिसे दुनिया के सबसे ख़तरनाक और हिंसक आतंकवादियों से पूछताछ के लिए हमने विकसित किया है."

राष्ट्रपति बुश का कहना है कि यह समय संसद को उन तरीक़ों को ख़त्म करने का नहीं है जिसने अमरीकी जनता को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाई है.

संवाददाताओं का कहना है कि हालांकि डेमोक्रेट सांसदों की बहुमत वाले संसद के निचले सदन कांग्रेस के पास राष्ट्रपति के वीटो को पलटने का अधिकार है लेकिन जितने कम मतों से यह विधेयक पारित हुआ है उससे नहीं लगता कि बुश के वीटो को पलटने या ख़त्म करने की कोशिश होगी.

इस क़ानून में सीआईए से पूछताछ के उन 19 तरीक़ों को रोकने प्रावधान है जिसका ज़िक्र अमरीकी सेना के फ़ील्ड मैनुअल में किया गया है.

उल्लेखनीय है कि हाल ही में सीआईए ने स्वीकार किया था कि उसने अलक़ायदा के बंधक ख़ालिद शेख़ मोहम्मद सहित तीन लोगों से पूछताछ के लिए वॉटरबोर्डिंग का इस्तेमाल किया था.