शनिवार, 01 मार्च, 2008 को 07:02 GMT तक के समाचार
इसराइली सेनाओं ने ग़ज़ा पट्टी में ताज़ा हमले किए हैं जिनमें कम से कम 52 फ़लस्तीनी मारे गए हैं. दो इसराइली सैनिकों की भी मौत हुई है.
वहाँ मौजूद चिकित्सक दल का कहना है कि मृतकों में आठ बच्चे और 16 फ़लस्तीनी चरमपंथी हैं. जबकि इसराइल का कहना है कि मारे गए सभी चरमपंथी हैं.
इन हमलों में 150 से ज़्यादा फ़ल़स्तीनी और सात इसराइली घायल हुए हैं.
2005 में गज़ा से इसराइली फ़ौजों के हटने के बाद से यह सबसे हिंसक दिन रहा है.
इसराइल का कहना है कि वह रॉकेट हमलों को रोकना चाहता है लेकिन शनिवार को ही 50 से अधिक हमले किए गए.
ग़ज़ा पट्टी पर बुधवार से इसराइली फ़ौजें हमले कर रही हैं. ग़ज़ा में फ़लस्तीनी बंदूकधारियों और इसराइली फ़ौजों के बीच झड़पें भी हुई हैं.
फ़लस्तीनी प्रशासन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने इस मसले पर तत्काल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाने की माँग की है.
मिसाइलों, लड़ाकू विमानों की आवाज़ें
बीबीसी संवाददाता अलीम मक़बूर ने रमल्ला से ख़बर दी है कि पिछली कुछ रातों की तरह शुक्रवार रात को भी ग़ज़ा के नागरिकों की पूरी रात इसराइली लड़ाकू विमानों और मिसाइलों की आवाज़े सुनती रहीं.
जाबालिया शरणार्थी शिविर के पास एक घर पर गोलाबारी हुई जिसमें एक भाई और एक बहन की मौत हो गई.
एक अन्य हवाई हमले में कुछ अन्य आम नागरिक मारे गए जिसमें एक पिता और उसका 19 वर्षीय पुत्र शामिल हैं.
हमास और कुछ अन्य चरमपंथी गुटों के चरमपंथी भी मारे गए हैं.
शनिवार तड़के उत्तर-पूर्वी ग़ज़ा के तीन इलाक़ों में टैंक दाख़िल हो गए.
इसराइलियों का मक़सद
इसराइल का कहना है कि उसका मक़सद सीमापार से फ़लस्तीनी चरमपंथियों के रॉकेट हमलों को रोकना है.
लेकिन इस नीति का असर होता नज़र नहीं आ रहा क्योंकि ग़ज़ा से तीन और रॉकेट हमले हुए जो इसराइली शहर एशख़ेलॉन में गिरे.
इसराइली सेना के मुताबिक इन हमलों में चार लोग घायल हो गए जिनमें बच्चे भी शामिल थे.
महत्वपूर्ण है कि शुक्रवार को ही इसराइली नेताओं ने चेतावनी दी थी कि फ़लस्तीनियों के अशख़ेलॉन शहर पर रॉकेट से हमलों के बाद ग़ज़ा पर बड़ा हमला किया जा सकता है.
इसराइल के उप रक्षा मंत्री मतन विलनाई ने कहा था कि फ़लस्तीनी चरमपंथियों की इस कार्रवाई से ग़ज़ा में हमास के नियंत्रण वाले इलाक़े में "बड़ा नरसंहार" भड़क सकता है.