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सोमवार, 25 फ़रवरी, 2008 को 02:03 GMT तक के समाचार

'पुतिन लोकतंत्र को आघात पहुँचा रहे हैं'

बीबीसी के एक सर्वेक्षण के मुताबिक सबसे ज़्यादा विकसित सात देशों (जी-7) के लोगों का मानना है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन लोकतंत्र को नुकसान पहुँचा रहे हैं.

सर्वेक्षण में जितने लोगों से बात की गई, उनमें से अधिकतर ने पुतिन के ख़िलाफ़ राय ज़ाहिर की.

उनका कहना था कि रूस में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिहाज़ से पुतिन सही साबित नहीं हो रहे हैं.

लेकिन सर्वेक्षण में जी-7 से अलग 30 देशों के लोगों ने इसके विपरीत राय दी और पुतिन का समर्थन किया. रूस में तो पुतिन को ज़ोरदार समर्थन मिला.

यह सर्वेक्षण 'ग्लोब्सकैन' और 'द प्रोग्राम ऑन इंटरनेशनल पॉलिसी एटीट्यूड्स' यानी पीपा ने कराया था.

इसमें कोई दो राय नहीं है कि पिछले आठ वर्षों के शासन में रूसी राष्ट्रपति ने विश्व पटल पर और ख़ास कर रूस में अपनी छाप छोड़ी है.

जी-7 में राय

सर्वेक्षण के मुताबिक उनके शासन को कोई सकारात्मक तरीके से लेता है या नकारात्मक तरीके से ये इस पर निर्भर करता है कि अपनी राय रखने वाला व्यक्ति दुनिया के किस हिस्से में रहता है.

व्लादिमीर पुतिन जल्दी ही अपने पद से हटने वाले हैं. इसके बाद वो किस हैसियत से कितने असरदार साबित होंगे ये चर्चा का विषय है.

लेकिन जी-7 के सदस्य देशों में 56 फ़ीसदी लोग मानते हैं कि मानवाधिकार और लोकतंत्र पर पुतिन ने नकारात्मक असर डाला है.

लगभग 47 फ़ीसदी लोगों ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिहाज़ से भी पुतिन की भूमिका को नकारात्मक माना.

हालाँकि रूस और ब्रिटेन के बीच कूटनीतिक स्तर पर तनाव के बावजूद 45 फ़ीसदी बितानी लोगों ने विश्व पटल पर रूसी भूमिका को सकारात्मक कहा.