ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की रिपोर्ट के बाद अमरीका के नए प्रतिबंध लगाए जाने की मांग पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
उनका कहना था कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 100 साल के लिए प्रस्ताव पारित कर सकता है लेकिन उससे ईरान को कोई नुक़सान नहीं पहुँचेगा.
साथ ही महमूद अहमदीनेजाद ने अमरीका और उसके सहयोगी देशों से ईरान पर परमाणु हथियार हासिल करने के आरोपों के लिए माफ़ी मांगने को कहा है.
दरअसल अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम के बारे में एक मिली जुली रिपोर्ट दी थी.
रिपोर्ट में ये तो कहा गया है कि ईरान ने एजेंसी के साथ पहले के मुक़ाबले ज़्यादा सहयोग किया है लेकिन ये भी स्पष्ट कर दिया है कि ईरान की सरकार ने कुछ अहम सवालों के जवाब नहीं दिए हैं.
आईएईए ने माना है कि ईरान की सरकार ने उसे कुछ नई जानकारी तो दी है लेकिन फिर भी उसे पूरा भरोसा नहीं है कि ईरान का कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए चलाया जा रहा है.
नए प्रतिबंध की माँग
दिलचस्प तथ्य ये है कि ईरान ने इस रिपोर्ट को अपनी कामयाबी बताया है तो अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से नए प्रतिबंध लगाने की माँग की है.
अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि अमरीका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर संयुक्त राष्ट्र की ओर से कार्रवाई की फिर कोशिश करेगा.
कोंडोलीज़ा राइस का कहना था कि अमरीका इस बारे में संयुक्त राष्ट्र की तरफ़ से नया प्रस्ताव पास कराने के लिए ज़ोर लगाएगा.
उनका कहना था कि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की रिपोर्ट के बाद सुरक्षा परिषद में तीसरा प्रस्ताव ले जाने की अच्छी ख़ासी वजह है.