गुरुवार, 07 फ़रवरी, 2008 को 13:00 GMT तक के समाचार
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) के महासचिव याप डा हूप स्केफ़र ने संकेत दिए हैं कि यदि नैटो अफ़ग़ानिस्तान में असफल रहता है तो पश्चिमी देशों पर 'आतंकवादी' हमले हो सकते हैं.
उनका कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में 'आतंकवाद के ख़िलाफ़' जंग में प्रगति हो रही है लेकिन कई बड़ी चुनौतियों अब भी बाक़ी हैं.
बीबीसी के साथ बातचीत में स्केफ़र ने कहा कि वे गुरुवार को लिथुआनिया में नैटो के रक्षा मंत्रियों की बैठक में बताएँगे अफ़ग़ान सेना के प्रशिक्षण देने और हथियार मुहैया की दिशा में और काम होना चाहिए.
उधर अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस और ब्रितानी विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड अफ़ग़ानिस्तान की यात्रा पर हैं.
कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि नैटो के सदस्य देशों से जितने सैनिकों की माँग की जा रही है वह जायज़ और नैटो देशों को ये ज़िम्मेदारी पूरी करनी चाहिए.
नैटो का विभाजन?
इससे पहले अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने चेतावनी दी थी कि अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान का सामना करने के लिए ज़्यादा सैनिक सुरक्षा मुहैया कराने के मुद्दे पर नैटो संगठन पर विभाजन के बादल मंडरा रहे हैं.
अफ़ग़ानिस्तान में अधिकतर जगह अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा और नीदरलैंड के सैनिक लड़ाई कर रहे हैं.
अमरीकी रक्षामंत्री रॉबर्ट गेट्स कहा है कि यदि अफ़ग़ानिस्तान में विद्रोह से निपटने के लिए पड़ रहे बोझ को बाँटने के लिए सभी सदस्य देश सहायता नहीं बढ़ाएँगे तो इस लड़ाई का मक़सद ही ख़त्म हो जाएगा.
अमरीका और ब्रिटेन अन्य नैटो देशों से दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में और ज़िम्मेदारी संभालने का अनुरोध कर रहे हैं.
दूसरी ओर कनाडा ने धमकी दी है कि यदि और नैटो सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में लड़ने के लिए आगे नहीं आते तो वह अफ़ग़ानिस्तान से अपने सैनिकों को वापस बुला लेगा.