गुरुवार, 07 फ़रवरी, 2008 को 23:06 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इस बात से इनकार किया है कि विदेशी सैनिकों की भूमिका को लेकर पश्चिमि देशों के साथ किसी तरह का तनाव है.
उन्होंने राजधानी काबुल में पत्रकारों से कहा कि वो नैटो देशों के आभारी हैं जिन्होंने अपनी सेना यहाँ भेजी है.
इस बीच अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस और ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड काबुल पहुँचे और करज़ई से मुलाक़ात की.
दोनों नेता उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) के दूसरे सदस्य देशों से अफ़ग़ानिस्तान में और सैनिक भेजने की माँग करते रहे हैं.
कोंडोलीज़ा राइस ने कहा कि चरमपंथियों के ख़िलाफ़ लड़ाई में सफलताएँ मिली हैं लेकिन काम अभी अधूरा है.
डेविड मिलिबैंड का कहना था कि तालेबान की हार हो रही है लेकिन अभी लंबा सफर तय करना है.
दोनों नेताओं ने हिंसाग्रस्त कंधार का दौरा किया और वहाँ नैटो कमांडरों से बातचीत की.
इससे पहले नैटो के महासचिव याप डा हूप स्केफ़र ने संकेत दिए थे कि यदि नैटो अफ़ग़ानिस्तान में असफल रहता है तो पश्चिमी देशों पर 'आतंकवादी' हमले हो सकते हैं.
उनका कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में 'आतंकवाद के ख़िलाफ़' जंग में प्रगति हो रही है लेकिन कई बड़ी चुनौतियों अब भी बाक़ी हैं.