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बुधवार, 06 फ़रवरी, 2008 को 14:06 GMT तक के समाचार

महर्षि महेश योगी का निधन

योग और ध्यान को दुनिया के कई देशों में पहुँचाने वाले आध्यात्मिक गुरु महर्षि महेश योगी का नीदरलैंड्स स्थित उनके घर में, 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया है.

साठ के दशक में मशहूर रॉक बैंड बीटल्स के सदस्यों के साथ ही वे कई बड़ी हस्तियों के आध्यात्मिक गुरु हुए और दुनिया भर में प्रसिद्ध हो गए.

पश्चिम में जब हिप्पी संस्कृति का बोलबाला था, महर्षि महेश योगी ने 'ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन' (अनुभवातीत ध्यान) के ज़रिए दुनिया भर में अपने लाखों अनुयायी बनाए.

पिछले महीने 11 जनवरी को महर्षि योगी ने ये कहते हुए रिटायरमेंट की घोषणा की थी कि उनका काम पूरा हो गया है और उनका गुरु के प्रति जो कर्तव्य था वो पूरा हो गया है.

बड़ा संगठन

महर्षि महेश योगी का असली नाम था महेश प्रसाद वर्मा.

महर्षि महेश योगी का जन्म 12 जनवरी 1917 को छत्तीसगढ़ के राजिम शहर के पास पांडुका गाँव में हुआ और उन्होंने इलाहाबाद से दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि ली थी.

40 और 50 के दशक में वे हिमालय में अपने गुरु से ध्यान और योग की शिक्षा लेते रहे.

महर्षि महेश योगी ने ध्यान और योग से बेहतर स्वास्थ्य और आध्यात्मिक ज्ञान का वादा किया और दुनिया के कई मशहूर लोग उनसे जुड़ गए.

ब्रिटेन के रॉक बैंड बीटल्स के सदस्य उत्तरी वेल्स में उनके साथ सप्ताहांत बिताया करते थे.

एक बार जब महेश योगी ऋषिकेष में बनाए गए अपने अत्याधुनिक आश्रम में थे तो बीटल्स के सदस्य हेलिकॉप्टर से वहाँ पहुँचे थे.

हालांकि बीटल्स के लोगों का मोह महर्षि योगी से जल्दी ही भंग हो गया लेकिन तब तक उनका साम्राज्य दिल्ली से अमरीका तक फैल चुका था.

जब वे अपनी प्रसिद्धि के शिखर पर थे तो कुछ लोगों ने उनसे पूछा कि उन्हें संत क्यों कहा जाता है, और उनका जवाब था, "मैं लोगों को ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन (अनुभवातीत ध्यान) सिखाता हूँ जो लोगों को जीवन के भीतर झांकने का अवसर देता है. इससे लोग शांति और ख़ुशी के हर क्षण का आनंद लेने लगते हैं. चूंकि पहले सभी संतो का यही संदेश रहा है इसलिए लोग मुझे भी संत कहते हैं."

महर्षि योगी पर कई पुरस्कार जीतने वाली फ़िल्म बना चुके बीबीसी के यावर अब्बास ने एक बार ऋषिकेश स्थित उनके आश्रम में उनसे बात की थी.

यावर अब्बास ने पूछा कि क्या कारण है कि वे और उनका ध्यान-योग पश्चिमी देशों में बहुत लोकप्रिय है लेकिन भारत में उन्हें मानने वाले ज़्यादा नहीं हैं, तो महेश योगी का जवाब था, "इसकी वजह यह है कि यदि पश्चिमी देशों में लोग किसी चीज़ के पीछ वैज्ञानिक कारण देखते हैं तो उसे तुरंत अपना लेते हैं और मेरा ट्रांसेंडेंटल मेडिटेशन योग के सिद्धांतों पर क़ायम रहते हुए पूरी तरह वैज्ञानिक है."

नीदरलैंड्स स्थित उनका विशाल घर एक तरह से पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है और टेलीविज़न चैनलों के ज़रिए वे दुनिया भर में ध्यान और योग की शिक्षा देते रहे हैं.

90 के दशक में ब्रिटेन और यूरोप के चुनाव में 'नेचुरल लॉ पार्टी' के उम्मीदवारों की बड़ी चर्चा रही क्योंकि वे योग-ध्यान की बातें करते थे और महर्षि महेश योगी की मान्यताओं के क़रीब थे.

जैसी कि उनकी संस्था उनके बारे में जानकारी देती है, महेश योगी ने 150 देशों में पाँच सौ स्कूल खोल रखे हैं, दुनिया में चार महर्षि विश्वविद्यालय हैं और चार देशों में वैदिक शिक्षण संस्थान हैं.

महर्षि महेश योगी का संगठन वैसे पर 'लाभ न अर्जित करने वाला' संगठन है, लेकिन कहा जाता है कि इस संगठन के पास दो अरब पाउंड यानी तक़रीबन 160 अरब रुपयों की संपत्ति है.