बुधवार, 06 फ़रवरी, 2008 को 12:14 GMT तक के समाचार
अमरीका में सुपर ट्यूसडे को हुए चुनाव में मतों की पूरी गणना के बाद और साफ़ हो गया है कि डेमोक्रेट पार्टी की ओर से हिलेरी क्लिंटन और बराक ओबामा के बीच कांटे की टक्कर है.
उधर रिपब्लिकन की ओर से जॉन मैक्केन राष्ट्रपति पद के लिए पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार होने की दौड़ में सबसे आगे निकलते दिख रहे हैं. हालांकि माइक हकबी ने उम्मीद से ज़्यादा अच्छा प्रदर्शन किया है.
सुपर ट्यूसडे को एक साथ सबसे ज़्यादा राज्यों में चुनाव होते हैं और आमतौर पर होता है कि इसके बाद डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन दोनों पार्टियों के बीच यह साफ़ हो जाता है कि कौन राष्ट्रपति पद के लिए कौन उम्मीदवार होने जा रहा है.
इस बार रिपब्लिकन पार्टी का संभावित उम्मीदवार तो सामने दिखता है लेकिन डेमोक्रेट की ओर से अभी भी कोई एक उम्मीदवार नहीं उभर पाया है.
इसलिए अब नज़रें शनिवार, नौ फ़रवरी और मंगलवार, 12 फ़रवरी को होने वाले चुनावों पर होगी.
उल्लेखनीय है कि अभी राष्ट्रपति चुनाव के लिए पार्टियों के अंदरुनी चुनाव हो रहे हैं जिसके तहत पार्टी के समर्थक राष्ट्रपति पद के लिए अधिकृत उम्मीदवार का चुनाव कर रहे हैं.
समर्थकों के मतों से डेलीगेट या प्रतिनिधियों का चुनाव हो रहा है और ये प्रतिनिधि बाद में औपचारिक रुप से उम्मीदवारों का चयन करेंगे.
आमतौर पर जिसके पास जितने प्रतिनिधि होते हैं वही पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार चुन लिया जाता है.
टक्कर
डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन ने कैलिफ़ोर्निया और न्यूयॉर्क जैसे दो बड़े प्रांतों में जीत दर्ज की है.
लेकिन उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बराक ओबामा ने 24 में से 13 राज्यों में जीत दर्ज करके न केवल अपने आपको दौड़ में बनाए रखा है बल्कि कहा जा रहा है कि प्रतिनिधियों की संख्या के आधार पर ओबामा फ़िलहाल हिलेरी से थोड़ा आगे निकल गए हैं.
हालांकि दोनों ने परिणाम आने के बाद रात को 'ग्रेट नाइट' और 'बिग विक्ट्री' जैसी टिप्पणियाँ कीं लेकिन दोनों जानते हैं कि आगे कठिन लड़ाई है.
बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय का कहना है कि आगे की लड़ाई में बराक ओबामा की स्थिति थोड़ी बेहतर इसलिए भी दिखता है कि जनवरी में ओबामा को 3.2 करोड़ डॉलर का चुनावी चंदा मिला है जबकि हिलेरी क्लिंटन को सिर्फ़ 1.4 करोड़ मिले हैं और वे 50 लाख डॉलर अपनी ओर से खर्च करने जा रही हैं.
उनका कहना है कि कम पैसे का मतलब यह है कि चुनाव प्रचार पर होने वाला खर्च कम होगा और गतिविधियाँ भी सीमित हो जाएँगी.
रिपब्लिकन
रिपब्लिकन पार्टी की ओर से जॉन मैक्केन दौड़ में आगे चलते हुए दिख रहे हैं.
उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मिट रोमनी को करारी मात दी है.
हालांकि हकबी ने जिस तरह की जीत दर्ज की है वह अपेक्षा से बहुत अगल थी और इसने प्रेक्षकों को चकित किया. हालांकि अभी भी वे तीसरे स्थान पर हैं लेकिन वे मिट रोमनी से बहुत पीछे नहीं हैं.
दोनों पार्टियों का नेशनल कंवेन्शन छह महीने बाद होगा जिसमें पार्टियों के प्रतिनिधि औपचारिक रुप से अपनी पार्टी की ओर से राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन करेंगे.