रविवार, 03 फ़रवरी, 2008 को 00:32 GMT तक के समाचार
अफ़्रीका के पाँचवे सबसे बड़े देश चाड में विद्रोही तख्तापलट करने की कोशिशों में जुटे हुए हैं. विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने राजधानी जामेना पर कब्ज़ा कर लिया है. हालांकि चाड के वित्त मंत्री ने इसका खंडन किया है लेकिन वहाँ से आ रही रिपोर्टों से कम से कम इतना स्पष्ट है कि जामेना के कई इलाक़ों पर विद्रोहियों का कब्ज़ा है.
चाड में ऐसी तीन चीज़ें हैं जो कई प्रमुख देशों को किसी न किसी रूप में वहाँ प्रभाव बनाने के लिए आकृष्ट करती है.
चाड में सोने और यूरेनियम की खदानें हैं और वर्ष 2003 में चाड पेट्रोलियम निर्यातक देश भी बन गया है.
यही कारण है कि कुछ देश सरकार की मदद को आगे आते हैं तो कुछ विद्रोहियों की. लेकिन एक बात और है.
सूडान का दारफ़ुर इलाक़ा जहाँ कई महीनों से लड़ाई जारी है, वो भी चाड से लगा हुआ है. सूडान का आरोप है कि चाड की वर्तमान सरकार वहाँ विद्रोहियों की मदद करती है तो यही आरोप चाड की सरकार सूडान पर लगाती है.
चाड के विद्रोहियों ने हाल की लड़ाई में बिजली की गति से प्रगति करते हुए जीत हासिल की है.
विद्रोहियों के प्रवक्ता अब्दरामेन खूलमाला ने बीबीसी से बातचीत में दावा किया है कि सरकार का तख्तापलट लगभग हो गया है.
वो कहते हैं “ हमारी पहली कॉलम के सिपाही अब राजधानी को घेर चुके हैं और हमें लगता है कि राष्ट्रपति इदरीस देबी हार मान लेंगे.
लोग चाहते हैं कि हम देश लोकतंत्र लेकर आएँ, लोग चैड के लोगों को एकजुट रखने वाली सरकार चाहते हैं और वो चाहते हैं कि देश की खनिज
संपदा का सभी के लिए उपयोग हो और यही हम करेंगे.”
विद्रोहियों के प्रवक्ता ने ये भी कहा है कि लगता है कि सरकार की मदद करने को तत्पर दिखते फ़्राँसीसी भी अब तटस्थ लगते हैं क्योंकि उनके विमान अब विद्रोही सेना की टोह नहीं ले रहे हैं.
चाड के वित्त मंत्री ने तख्तापलट की ख़बरों को बेबुनियाद बताया है लेकिन रिपोर्टों के अनुसार राजधानी जामेना में ज़मीन पर सरकार समर्थक सेना कहीं नज़र नहीं आ रही है.
अफ़्रीकी देशों के संगठन अफ्रीकी संघ का कहना है कि अगर विद्रोही तख्तापलट करने में कामयाब हो गए तो चाड को संगठन की सदस्यता से
तब तक निलंबित कर दिया जाएगा जब तक कि स्थिति सामान्य नहीं हो जाती. इस बीच, चाड के एक और प्रमुख पड़ोसी देश लीबिया ने दावा किया
है कि विद्रोही उसकी मध्यस्थता में बातचीत करने को तैयार हो गए हैं.