रविवार, 20 जनवरी, 2008 को 01:34 GMT तक के समाचार
अमरीका में राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारों के चयन प्रक्रिया में नेवादा प्रांत में सीनेटर हिलेरी क्लिंटन ने डेमोक्रेटिक पार्टी में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी बराक ओबामा को हरा दिया है.
उधर रिपब्लिकन पार्टी के भीतर चल रही चयन प्रक्रिया में मैसाच्युसेट्स के पूर्व गवर्नर मिट रोमनी ने आसान जीत हासिल की है.
सीनेटर हिलेरी क्लिंटन के लिए यह लगातार दूसरी जीत थी.
इसी महीने के शुरू में आयोवा में बराक ओबामा से पिछड़ने के बाद से ही हिलेरी ने अपने प्रचार अभियान को तेज़ कर दिया था.
उसका परिणाम सप्ताह भर बाद ही दिख गया जब उन्हें न्यू हैम्पशर में जीत हाथ लगी.
लेकिन नेवादा की स्थिति आयोवा और न्यू हैम्पशर से बिल्कुल अलग थी. यह पूरी तरह श्वेत बहुल राज्य नहीं है. बल्कि नेवादा की एक चौथाई आबादी लैटिन अमरीकी मूल की है.
और इन लैटिन अमरीकी मूल के वोटरों को लुभाने में ओबामा ने भी कोई कसर नहीं छोड़ रखी थी. और, ओबामा ने जब नेवादा के सबसे बड़े श्रमिक संगठन का समर्थन पा लिया तो हिलेरी के खेमे में चिंता की लहर स्पष्ट देखी जा सकती थी.
शनिवार के चुनाव से पहले नेवादा में दोनों प्रमुख डेमोक्रेटिक सीनेटरों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चला.
लेकिन अंतत: डेमोक्रेटिक पार्टी के पारंपरिक वोटरों पर क्लिंटन परिवार की पकड़ के सहारे हिलेरी विजयी रहीं.
उनके समर्थकों ने नेवादा की जीत को एक बड़ी जीत बताया है.
डेमोक्रेटिक पार्टी के तीसरे प्रमुख उम्मीदवार जॉन एडवर्ड्स पाँच प्रतिशत से भी कम समर्थन पाकर तीसरे नंबर पर रहे.
रोमनी जीते
दूसरी रिपब्लिकन पार्टी के मिट रोमनी नेवादा में विजयी रहे. ये उनकी लगातार तीसरी जीत है.
नेवादा में जीत की औपचारिक घोषणा से पहले मिट रोमनी ने कहा, ''हम मिशिगन में जीते. हमने नेवादा की चुनावी प्रक्रिया में आगे रहे हैं. मिशिगन के बाद नेवादा में जीत का बिल्कुल स्पष्ट संकेत होगा कि हम व्हाइट हाउस की लड़ाई जीतने जा रहे हैं.''
माना जाता कि नेवादा में जीत से हिलेरी क्लिंटन और मिट रोमनी, दोनों के चुनाव अभियान को एक नई ऊर्जा मिलेगी.
यह ऊर्जा सुपर-मंगलवार में जीत के लिए बेहद ही ज़रूरी है. मंगलवार, पाँच फ़रवरी को 20 से ज़्यादा प्रांतों में दोनों दलों के समर्थक राष्ट्रपति पद के लिए अपना पसंदीदा उम्मीदवार चुनेंगे.