शुक्रवार, 18 जनवरी, 2008 को 10:50 GMT तक के समाचार
इसराइल ने ग़ज़ा पट्टी को जाने वाले रास्ते पर सीमा चौकी को बंद कर दिया है और कहा है कि ऐसा हमास के नियंत्रण वाले क्षेत्र से इसराइली शहरों पर हुए कई रॉकेट हमलों के बाद किया गया है.
ग़ज़ा पट्टी में फ़लस्तीनी शरणार्थियों को खाद्य सहायता मुहैया कराने वाली संयुक्त राष्ट्र राहत एजेंसी ने कहा है कि सीमा चौकी बंद किए जाने के बाद वह राहत सामग्री लोगों तक नहीं पहुँचा सकी है.
सीमा चौकी ऐसे समय बंद की गई है जब ग़ज़ा पट्टी में इसराइली हवाई हमले में कम से कम एक चरमपंथी को मारने का दावा किया गया है. उस हमले में अनेक लोग घायल बी हुए हैं.
अनेक अधिकारियों ने कहा है कि इसराइली शहरों पर रॉकेट दागे गए हैं. इसराइली सैनिकों ने पश्चिमी तट के शहर नैबलूस में अल अक्सा शहीदी ब्रिगेट का एक चरमपंथी भी मार दिया है.
इसराइली सेना ने इस सप्ताह ग़ज़ा पट्टी में अपने अभियान और तेज़ कर दिए हैं और इसराइल के हवाई हमलों में कम से कम 32 फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं.
फ़लस्तीनी संगठन हमास ने कई महीनों में पहली बार कुछ रॉकेट इसराइली शहरों में दागे हैं जिनमें अनेक लोग घायल हुए हैं.
हिंसा में तेज़ी
ग़ज़ा पट्टी में हिंसा में यह तेज़ी ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है और अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसी मुहिम के साथ मध्य पूर्व और अरब देशों का दौरा भी किया है.
इसराइल के रक्षा मंत्री एहूद बराक ने ग़ज़ा को जाने वाले रास्ते पर मौजूद सीमा चौकी को बंद करने का फ़ैसला मंगलवार को किया था. इस बारे में कहा गया है कि यह फ़ैसला हमास के रॉकेट हमलों को देखते हुए किया गया है.
शुक्रवार को भी कुछ रॉकेट हमले हुए जिनमें से इसराइली शहर अशकेलॉन में भी कुछ रॉकेट गिरे, हालाँकि कोई हताहत नहीं हुआ.
संयुक्त राष्ट्र की राहत एजेंसी एक प्रवक्ता क्रिस्टोफ़र गिनेस ने कहा कि ग़ज़ा को जाने वाला रास्ता बंद किए जाने की वजह से राहत सामग्री ग़ज़ा में लोगों तक नहीं पहुँचाई जा सकी है.
क्रिस्टोफ़र गिनेस ने कहा, "ग़ज़ा पूरी तरह से बंद हो गया है. इससे पहले से ही ख़राब हालात और बदतर ही होंगे."
उन्होंने कहा, "यह बेहद ज़रूरी है कि इस रास्ते को खोला जाए ताकि ग़ज़ा में हालात और ख़राब होने से बचाया जा सके, नहीं तो लगभग 15 लाख लोगों को बहुत ही ख़राब हालात और बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा."
अमरीकी रॉष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पिछले सप्ताह इस उम्मीद के साथ मध्य पूर्व का दौरा किया था कि शांति प्रक्रिया एक साल के भीतर कुछ सकारात्मक परिणाम ला सकती है.
लेकिन फ़लस्तीनी मुक्ति संगठन (पीएलओ) ने गुरूवार को चेतावनी दी थी कि अगर इसराइली हमले इसी तरह जारी रहे तो बातचीत प्रक्रिया पर उसके "गंभीर परिणाम" हो सकते हैं. फ़लस्तीनी प्राधिकरण के मुखिया महमूद अब्बास हैं.