गुरुवार, 10 जनवरी, 2008 को 03:35 GMT तक के समाचार
इराक़ी सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक सर्वेक्षण का कहना है कि पिछले तीन साल की हिंसा में लगभग एक लाख 51 हज़ार इराक़ियों की मौत हुई है.
पूरे इराक़ में नौ हज़ार से ज़्यादा घरों में सर्वेक्षण करके ये नतीजे निकाले गए हैं.
सर्वे में कहा गया है कि अमरीकी हमले के बाद से युद्ध ही ज़्यादातर ऐसे लोगों की मौत का कारण बना जिनकी उम्र 15 से 61 साल थी.
कहा गया है कि इन एक लाख 51 हज़ार आम लोगों में से कम से कम आधे लोगों की मौत बग़दाद में हुई.
इस तरह की रिपोर्टें पहले भी आईं हैं जिनके ज़रिए इराक़ पर अमरीकी फ़ौजों के हमले के बाद वहाँ मारे गए लोगों की संख्या का अनुमान लगाने की कोशिश की गई है.
कुछ रिपोर्टों में एक लाख चार हज़ार लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी तो कुछ में ये संख्या दो लाख 23 हज़ार तक आँकी गई थी.
पिछले आंकड़े
पिछले साल लैनसेट की ओर से एक रिपोर्ट आई थी जिसमें अस्पतालों के आँकड़ों के आधार पर छह लाख से भी ज़्यादा आम लोगों के मारे जाने की बात कही गई थी.
अमरीका, ब्रिटेन और इराक़ की सरकार ने इस रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन की ताज़ा रिपोर्ट के एक लेखक डॉक्टर टाइस बोरमा ने भी सचेत किया गया है कि डेढ़ लाख लोगों के मारे जाने का ये आँकड़ा भी अनुमान पर आधारित है.
डॉक्टर टाइस बोरमा का कहना था,'' जैसे हालात हैं उनमें इस तरह के सर्वेक्षण के ज़रिए यथार्थ के इतने नज़दीक ही पहुँचा जा सकता था. मरने वालों की ठीक ठीक संख्या का तभी पता लग सकता है जब पंजीकरण की व्यवस्था काम करने लगे. लेकिन ऐसी व्यवस्था 2003 से ही मौजूद नहीं है.''
ये रिपोर्ट तैयार करते समय काफ़ी ख़तरों का सामना भी करना पड़ा.
एक सर्वेयर का अपहरण कर लिया गया था और एक की गोली मार कर हत्या दी गई थी.
हाल के महीनों में इराक़ में हिंसा कम होने की बात कही जा रही है, लेकिन मंगलवार को ही दो अलग अलग घटनाओं में अमरीकी सेना के नौ जवान मारे गए हैं.
बीबीसी के अपने रिकॉर्ड बताते हैं कि इस साल एक जनवरी से अब तक यानी पिछले नौ दिनों में 58 लोग मारे गए हैं और 144 लोग घायल हुए हैं.