अमरीकी राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी हासिल करने की दौड़ में न्यू हैम्पशर में हुए मतदान में डेमोक्रेटिक पार्टी की हिलेरी क्लिंटन ने अपने साथी बराक ओबामा को कड़े मुक़ाबले में हरा दिया है.
राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों में सीनेटर जॉन मैक्केन ने जीत हासिल की है.
हिलेरी क्लिंटन को 39 फ़ीसदी मत मिले जबकि बराक ओबामा को 36 फ़ीसदी मत हासिल हुए.
इसके पहले चुनावी सर्वेक्षणों में बराक ओबामा की बढ़त दिखाई गई थी लेकिन नतीजे इसके उलट आए.
इस जीत के साथ ही राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार के रूप में हिलेरी क्लिंटन का दावा एक बार फिर मजबूत हो गया है.
आयोवा में तीसरे स्थान पर आने के बाद हिलेरी का राष्ट्रपति उम्मीदवार बनने की संभावना धूमिल पड़ने लगी थी.
हालांकि अभी कई अन्य राज्यों में उम्मीदवारी के लिए मतदान होना है.
बराक ओबामा ने अपनी हार स्वीकार कर ली, साथ ही उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि वो अमरीका में बदलाव की मुहिम को जारी रखेंगे.
हिलेरी क्लिंटन का मुक़ाबला उदारवादी के छवि के ओबामा से है जिन्होंने इराक़ युद्ध का विरोध किया था.
अफ़्रीकी अमरीकी मूल के ओबामा पहले ऐसे नेता हैं जिन्हें डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का मज़बूत दावेदार माना जा रहा है.
पिछले हफ़्ते ओबामा ने आयोवा में जीत दर्ज की थी जबकि रिपब्लिकन पार्टी की ओर से माइक हकबी मतदाताओं की पहली पसंद रहे थे.
जॉन मैक्केन जीते
दूसरी ओर राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों में सीनेटर जॉन मैक्केन ने जीत हासिल कर ली है.
उन्होंने अपने साथी उम्मीदवार मिट रोमनी को पीछे छोड़ दिया.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जॉन मैक्केन ने ज़बरदस्त वापसी की है क्योंकि आयोवा के बाद ऐसा माना जाने लगा था कि वो उम्मीदवारी की दौड़ से बाहर हो गए हैं.
न्यू हैम्पशर के स्टेट सेक्रेटरी बिल गार्डनर का अनुमान है कि लगभग पाँच लाख लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.
सभी दावेदार उम्मीदवारों के चयन के लिए पाँच फरवरी को 20 राज्यों में होने वाले चुनाव से पहले अपने-अपने पक्ष में मुहिम तेज़ करने की कोशिश कर रहे हैं.
हैम्पशर के बाद अब उत्तरी कैरोलिना में कॉकस चुनाव होने हैं.