शनिवार, 05 जनवरी, 2008 को 12:27 GMT तक के समाचार
कीनिया में जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति म्वाई किबाकी एक राष्ट्रीय एकता वाली सरकार का गठन करने के लिए तैयार हैं.
किबाकी ने अफ्रीका में अमरीका की शीर्ष राजनयिक जेंडाई फ्रेज़र से मुलाक़ात करने के बाद यह बयान जारी किया है.
अमरीकी राजनयकि जेंडाई फ्रेज़र ने कीनिया में दोनों राजनीतिक पक्षों से मुलाक़ात की है.
कीनिया में दिसंबर 2007 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुए थे जिसके बाद वहाँ हिंसा भड़क उठी और उसमें तीन सौ से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.
विपक्षी दलों का कहना है कि उन चुनावों में सरकार ने धांधली की और चुनावों में राष्ट्रपति किबाकी के पक्ष में धांधली की गई.
विपक्षी नेता रैला ओडिन्गा ने कहा है कि किबाकी पहले राष्ट्रपति के पद से इस्तीफ़ा दें और उसके बाद नए सिरे से चुनाव कराए जाएँ.
कीनिया में जारी एक सरकारी वक्तव्य में कहा गया है कि राष्ट्रपति किबाकी "राष्ट्रीय एकता वाली एक ऐसी सरकार बनाने के लिए तैयार हैं जो न सिर्फ़ कीनियावासियों को एकजुट करेगी बल्कि देश में सुलह-सफ़ाई और समझदारी की प्रक्रिया भी शुरू करेगी."
सरकारी बयान में यह भी कहा गया है कि अमरीकी राजनयिक जेंडाई फ्रेज़र ने देश में हिंसा रोकने की कोशिशों के तहत विपक्ष से संपर्क साधने के लिए राष्ट्रपति किबाकी की सराहना की है. फ्रेज़र ने सभी पक्षों से बातचीत के लिए आगे आने का आहवान करते हुए कहा है कि मौजूदा संकट से निकलने का एकमात्र यही रास्ता हो सकता है.
लेकिन कीनिया में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि विपक्षी नेता ओडिन्गा ने कहा है कि वह अपने उसी रुख़ पर क़ायम हैं कि पहले राष्ट्रपति किबाकी इस्तीफ़ा दें और 27 दिसंबर को हुए चुनावों को रद्द करके नए सिरे से चुनाव कराए जाएँ.
ओडिन्गा ने कहा है कि किबाकी के साथ सीधे तौर पर कोई बातचीत नहीं हो सकती है. समझा जाता है कि अमरीकी राजनयिक फ्रेज़र विपक्षी नेता ओडिन्गा के साथ दूसरे दौर की बातचीत करने का इरादा रखती हैं.
कीनिया में 27 दिसंबर 2007 को हुए चुनावों के बाद भड़की हिंसा में 350 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और ढाई लाख से ज़्यादा बेघर हो गए हैं.