बुधवार, 26 दिसंबर, 2007 को 19:13 GMT तक के समाचार
अफ़्रीकी देश चाड की एक अदालत ने फ्रांस के छह राहतकर्मियों को बच्चों की तस्करी की कोशिश के आरोप में आठ साल क़ैद की सज़ा सुनाई है.
चैरिटी संगठन जो आर्क में काम करने वाले इन छह राहतकर्मियों को अक्तूबर महीने में हिरासत में लिया गया था.
फ्रांस के इन नागरिकों पर आरोप है कि इन्होंने क़रीब सौ बच्चों को चाड से दूसरे देश ले जाने की कोशिश की.
चैरिटी का कहना है कि ये बच्चे चाड से लगे देश सूडान के दारफुर में संघर्ष के दौरान बेघरबार हुए अनाथ बच्चे थे जिन्हें वो यूरोप ले जा रहे थे ताकि यूरोपीय देशों में इन बच्चों की ठीक से देखभाल हो सके.
हालांकि इनमें से अधिकतर बच्चे चाड के थे और इन सभी के मां बाप जीवित हैं.
इस मामले ने चाड में तूल पकड़ लिया जिसके बाद देश भर में व्यापक प्रदर्शन हुए. चाड कुछ दशक पहले तक फ्रांस का गुलाम देश हुआ करता था.
चाड में प्रदर्शनकारियों ने राहतकर्मियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. ऐसी आशंकाएं थीं कि यूरोपीय होने के कारण आरोप झेल रहे फ्रांसीसी नागरिकों के ख़िलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी.
संवाद समिति एएफपी के अनुसार चार दिन की सुनवाई के बाद ये सज़ा सुनाई गई है. इसी मामले में चाड और सूडान के एक एक नागरिक को चार चार साल की सज़ा दी गई है.
हालांकि बच्चों की तस्करी के आरोप में कनाडा के दो नागरिकों को रिहा कर दिया गया है.