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इराक़ बम धमाकों में 24 की मौत

इराक़ में पुलिस का कहना है कि मंगलवार को हुओ दो आत्मघाती हमलों में कम से कम 24 लोग मारे गए हैं और 80 से ज़्यादा घायल हो गए.

पुलिस का कहना है कि पुलिस और स्थानीय सेना ने बग़दाद से 250 किलोमीटर उत्तर में बाइजी में एक हमलावर को रोकने की कोशिश की तो उसने बम विस्फोट कर दिया जो उसने अपने शरीर से बांधा हुआ था.

यह बम हमला एक सैनिक चौकी के बाहर हुआ जो सरकारी तेल कंपनी के बाहर बनी हुई थी.

पुलिस ने बताया कि लगता है कि विस्फोट का निशाना उन लोगों को बनाया गया था जो एक रिहायशी इलाके में गैस सिलेंडर ख़रीदने के लिए क़तार में खड़े थे.

एक अन्य घटना में बक़ूबा शहर में एक आत्मघाती हमलावर ने एक जनाज़े को निसाना बनाया जिसमें कम से कम चार लोगों की मौत हो गई.

जागृति सेना

सुन्नी कृबायली जागृति के लिए जानी जाने वाली नागरिक सेना अल क़ायदा चरमपंथियों से लड़ती रही है और कहा जाता है कि उसके अस्तित्व में आने के बाद से हिंसा में कमी देखी गई है.

पहले यह संगठन अमरीकी सैनिकों के ख़िलाफ़ लड़ाई कर रहा था लेकिन बाद में उसने पक्ष बदलकर अल क़ायदा लड़ाकों के ख़िलाफ़ हथियार तान दिए और अब उसे अमरीकी सैनिकों का सहयोग मिल रहा है.

उन्हें अल-क़ायदा लड़ाकों को उन जगहों से बाहर निकालने का श्रेय दिया जाता है जहाँ उन्हें अपेक्षाकृत कम विरोध मिल रहा था.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि इसने इराक़ में जून के बाद से हमलों को क़रीब 60 फ़ीसद कम कर दिया है लेकिन आसपास की फौजी चौकियों पर सुन्नी कट्टरपंथियों के हमले बढ़ गए.

बग़दाद में बीबीसी संवाददाता के जो फ़्लोटो कहते हैं, “सलाहुद्दीन क्षेत्र का सुन्नी बहुल इलाक़ा बाइजी पिछले दो सालों से अपेक्षाकृत शांत रहा है. लेकिन यहां नागरिक सेना की मौजूदगी ख़ुद बताती है कि क्यों यहां फिर एक बार आत्मघाती हमला हुआ.”

अक्तूबर 2007 में हुए दो कार बम विस्फोटों में कम से कम 19 लोग मारे गए थे.

आत्मघाती विस्फोटों में क्षेत्र के पुलिस प्रमुख और क़बायली नेता और सलाहुद्दीन जागृति कौंसिल के वरिष्ठ सदस्य तमार इब्राहीम अताउल्लाह को निशाना बनाया गया था.