ब्रितानी सेना ने इराक़ के बसरा प्रांत का नियंत्रण इराक़ी अधिकारियों को सौंप दिया है.
दक्षिणी इराक़ से ब्रितानी सैनिकों की वापसी की दिशा में ये महत्वपूर्ण क़दम माना जा रहा है.
इसके पहले ब्रितानी सेना बसरा शहर से हट गई थी और उसने हवाई अड्डे पर अड्डा जमा लिया था.
वापसी के बाद विद्रोहियों पर नियंत्रण की ज़िम्मेदारी अब इराक़ी सैनिकों की होगी.
बीबीसी संवाददाता एंड्रयू नोर्थ का कहना था कि योजना यह थी कि ब्रितानी सेना पीछे रहेगी.
वे तभी संघर्ष में उतरेंगे जब या तो उन पर हमला किया जाए या फिर इराक़ी कमांडर उन्हें सहायता के लिए बुलाएँ.
इराक़ में अब भी साढे चार हज़ार ब्रितानी सैनिक तैनात हैं और उनका मुख्य काम इराक़ी सैनिकों को प्रशिक्षण प्रदान करना है.
कार्यकुशलता पर सवाल
बीबीसी संवाददाता का कहना था कि इराक़ी सुरक्षाबलों की कार्यकुशलता पर सवाल उठने के बावजूद ब्रितानी कमांडरों का मानना है कि इराक़ी सेनाओं का ज़िम्मेदारी सौंपना उचित क़दम है.
बसरा इराक़ का नौवाँ प्रांत है जिसकी ज़िम्मेदारी इराकियों ने उठाई है.
दूसरी ओर ब्रितानी सेना ने इराक़ में चौथे स्थान की ज़िम्मेदारी स्थानीय सुरक्षाबलों को सौंप दी है.
बीबीसी के कार्यक्रम न्यूज़नाइट ने एक हज़ार बसरा निवासियों की राय ली तो उनमें 85 फ़ीसदी ने कहा था कि ब्रितानी सेनाओं की इस क्षेत्र में उपस्थिति का नकारात्मक असर रहा है.
साथ ही दो तिहाई लोगों का सोचना था कि ज़िम्मेदारी सौंप देने से सुरक्षा में सुधार आएगा.
ग़ौरतलब है कि इराक़ पर 2003 में अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद से बसरा में ब्रितानी सैनिक तैनात हैं और उस इलाक़े की प्रमुख ज़िम्मेदारी उन्हीं पर रही है.