यूरोपीय यूनियन के देशों के प्रतिनिधियों ने पुर्तगाल में एक नई संधि पर दस्तख़त किए हैं जिससे सदस्य देशों के प्रशासनिक कामकाज के तरीक़े में बड़ा बदलाव आएगा.
पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन में इस संधि पर 27 देशों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए हैं.
इसके तहत यूनियन में एक अध्यक्ष और ज़्यादा अधिकारों वाले विदेश नीति प्रमुख के पद का प्रावधान है.
संघ के कई नीतिगत क्षेत्रों में यह संधि वीटो के अधिकार को ख़त्म कर देगी.
ये संधि फ्रांस और नीदरलैंड के विरोध के बाद रद्द हो गए संघ के संविधान की जगह लेगी.
स्थिति ये है कि संधि के मसौदे को लेकर कुछ देश घरेलू दबाव से भी जूझ रहे हैं.
वर्ष 2009 तक प्रभावी होगी
बीबीसी संवाददाता के अनुसार इसी साल ये संवैधानिक संकट शुरू हुआ था और लिस्बन संधि से इसके समाप्त होने की संभावना है.
एक वरिष्ठ यूरोपीय राजनयिक कहते हैं कि इससे बहुत बड़ी राहत मिलेगी लेकिन इसे लेकर कुछ शंकाएँ भी हैं कि आगे क्या होगा?
आयरलैंड अकेला देश है जो इस मसले पर जनमत संग्रह करवाने की सोच रहा है. हालाँकि देश के ज़्यादातर वोटर इस मसले पर बँटे हुए हैं या मन नहीं बना सके हैं.
संधि के मसौदे के ढाई सौ पन्नों के इस दस्तावेज़ को लेकर ब्रिटेन, नीदरलैंड और डेनमार्क की संसद में भी विवाद होने की आशंका है.
हालाँकि जर्मनी, फ्रांस और पोलैंड ने कह रखा है कि इस संधि का अनुमोदन करने वालों में वे पहले देश होंगे.
नई संधि को 2009 तक प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
संविधान की जगह
लिस्बन संधि यूरोपीय संघ के संविधान का ज़्यादा सरल रूप है जिसे एक ज़्यादा साधारण नाम दिया गया है.
संधि में यूरोपीय संघ के झंडे या गीत जैसे प्रतीकों का कोई ज़िक्र नहीं किया गया है.
इसका मक़सद फ़ैसला लेने की प्रक्रिया को ज़्यादा सुगम बनाना है.
नीति निर्माण के 50 से ज़्यादा क्षेत्रों में प्रस्तावित संधि सदस्य देशों के वीटो के अधिकार को समाप्त कर देगा. पुलिस और न्यायिक सहयोग का मसला इसमें शामिल है.
संधि के प्रभावी होने पर संघ का एक विदेश नीति प्रमुख भी होगा.
बड़े बजट के साथ काम करने वाले विदेश नीति प्रमुख के पास हज़ारों राजनयिक और अधिकारी भी होंगे.
संधि से पाँच साल के लिए यूरोपीय संघ के स्थायी अध्यक्ष के पद की भी शुरुआत होगी.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि कुछ लोगों को आशंका है कि ये नए पद यूरोप को एक मज़बूत आवाज़ देने की बजाय सदस्य देशों के बीच प्रतिद्वंद्विता को बढ़ावा देंगे.