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बुधवार, 12 दिसंबर, 2007 को 07:36 GMT तक के समाचार

जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती: मून

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन का मुद्दा आज की सबसे बड़ी चुनौती है और इसकी अनदेखी के गंभीर नतीजे हो सकते हैं.

बाली में जलवायु परिवर्तन पर चल रहे उच्चस्तरीय सम्मेलन में मून ने कहा कि अब इस मुद्दे की अनदेखी का समय नहीं रह गया है.

उन्होंने कहा, “ हम यहाँ इसलिए इकट्ठा हुए हैं क्योंकि गोलमोल बातों का समय निकल चुका है.”

मून ने कहा, “जलवायु परिवर्तन आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है. विज्ञान से साफ़ है कि जलवायु परिवर्तन हो रहा है, इसका असर भी दिख रहा है. अब इस दिशा में क़दम उठाने का वक्त आ गया है.”

उन्होंने कहा कि अगर कोई क़दम नहीं उठाए गए तो दुनिया को सूखे, भुखमरी और समुद्र के जलस्तर में वृद्धि जैसी समस्याओं से रूबरू होना होगा.

सम्मेलन में भाग ले रहे प्रतिनिधियों को उम्मीद है कि ख़तरनाक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कमी के मसले पर सहमति बन सकेगी ताकि वर्ष 2012 में क्योटो प्रोटोकॉल के ख़त्म होने के बाद का रास्ता तय हो सके.

चुनौती

अमरीका और कनाडा जैसे देश गैस उत्सर्जन के लिए कोई लक्ष्य तय करने का विरोध कर रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र भी चाहता है कि वर्ष 2020 से पहले विकसित देश 1990 की तुलना में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में 20 फ़ीसदी की कटौती करें.

यहां जुटे प्रतिनिधियों को ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन पर संयुक्त राष्ट्र वैज्ञानिकों के लक्ष्य पर सहमत होने की ज़रूरत होगी. साथ ही इसे अपने देशो में सख्ती से लागू भी करना होगा.

किसी नतीजे पर पहुँचने के लिए प्रतिनिधियों के पास तीन दिन का समय है.

ऑस्ट्रेलिया के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री केविन रुड ने क्योटो प्रोटोकॉल को उनकी सरकार के समर्थन संबंधी दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र महासचिव को सौंपे हैं.

अल्जीरिया में मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र की इमारतों में हुए विस्फोट के मद्देनज़र सम्मेलन के लिए कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं.

राजधानी अल्जीयर्स में हुए इन विस्फोटों में कम से कम 26 लोग मारे गए थे.