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मंगलवार, 11 दिसंबर, 2007 को 15:07 GMT तक के समाचार

इसराइली टैंक ग़ज़ा में घुसे

इसराइली टैंक और बुलडोज़र फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी के दक्षिणी इलाक़े में काफ़ी अंदर तक पहुँच गए हैं और हाल के महीनों में उस क्षेत्र में इसराइल का यह काफ़ी बड़ा अभियान है.

स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों ने कहा है कि मंगलवार को सुबह हुई शुरुआती लड़ाई में कम से कम तीन फ़लस्तीनी चरमपंथी मारे गए हैं.

इसराइल के सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि दो इसराइली सैनिक ज़ख़्मी हुए हैं. ख़बरें मिली हैं कि इस अभियान में तीस से ज़्यादा टैंकों का सहारा लिया जा रहा है.

इसराइली अभियान ग़ज़ा इलाक़े में सूफ़ा चौराहे के पास से ही शुरू किया गया. उस इलाक़े के बारे में कहा जाता है कि वहाँ से चरमपंथी इसराइल में जब-तब रॉकेट दागते रहते हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि इसराइली सैनिकों ने ख़ान यूनिस और रफ़ा इलाक़े के बीच मुख्य सड़क पर यातायात रोक दिया है. वहाँ इसराइली सैनिकों को फ़लस्तीनी लड़ाकों से कड़ा मुक़ाबला करना पड़ा.

जब एक इसराइली मिसाइल ने एक घर को निशाना बनाया तो उसमें एक पैट्रोल स्टेशन ध्वस्त हो गया और इस्लामी जेहाद के तीन चरमपंथी भी मारे गए.

मौक़े पर मौजूद संवाददाताओं का कहना है कि यह इसराइली अभियान में ध्वस्त हुई इमारतों में शव नज़र आए और इसराइली टैंक ग़ज़ा पट्टी इलाक़े में और भीतर घुसने की कोशिश करते नज़र आए.

ख़ान यूनिस में स्कूली बच्चों को छुट्टी होने के बाद सड़कों पर तेज़-तेज़ भागते हुए देखा गया ताकि वे जल्दी से अपने घर पहुँच सकें. ख़ान यूनिस दक्षिणी ग़ज़ा का सबसे बड़ा शहर है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि इसराइली सैनिकों ने घर-घर की तलाशी ली और अनेक लोगों को हिरासत में भी लिया.

कुछ इसराइली सैनिक उस समय घायल हो गए जब उनके एक टैंक पर एक गोला आकर गिरा.

स्थानीय चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार को इसराइली अभियान शुरू होने से कुछ घंटे पहले इसराइली हवाई हमले में इस्लामी जेहाद संगठन का एक चरमपंथी मारा गया.

ग़ज़ा पट्टी का प्रशासन हमास के हाथों में है जिसे चरमपंथी संगठन कहा जाता है और उसने फ़तह संगठन के साथ हिंसक लड़ाई के बाद जून 2007 में वहाँ का प्रशासन संभाला था.

फ़लस्तीनी शहर रामल्लाह में बीबीसी संवाददाता अलीम मक़बूल का कहना है कि हाल के महीनों में ग़ज़ा में इसराइल का यह काफ़ी बड़ा अभियान है. संवाददाता का कहना है कि यह अभियान ऐसे समय में चलाया गया है जब दो सत्पाह बाद शांति वार्ताओं का अगला दौर शुरू होने वाला है.

एक दिन बाद ही यानी बुधवार को इसराइल और फ़तह के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के बीच पहले दौर की बातचीत शुरू होने वाली है जिसमें शांति प्रक्रिया फिर से शुरू करने पर विचार विमर्श होगा.