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शनिवार, 08 दिसंबर, 2007 को 08:55 GMT तक के समाचार

'यातना के सबूत छिपा रहा है बुश प्रशासन'

अमरीका में विपक्षी डेमोक्रेट नेताओं ने बुश प्रशासन पर सीआईए की यातनाओं संबंधी सबूत छिपाने का आरोप लगाया है.

विपक्षी नेताओं ने कहा है कि अमरीकी खुफ़िया एजेंसी (सीआईए) ने जो टेप नष्ट किए हैं, संभव है कि उनमें क़ैदियों को दी जाने वाली यातना से जुड़े सबूत रहे हों.

बुश प्रशासन पर यह ताज़ा आरोप तब लगा है जब एक दिन पहले ही सीआईए ने स्वीकारा था कि उन्होंने कुछ संदिग्ध चरमपंथियों से पूछताछ के दौरान तैयार किए गए कुछ टेपों को नष्ट कर दिया है.

अब डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता इस बात की जाँच कराने की माँग की है.

विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति बुश से इस बात की जाँच करवाने की माँग की है कि क्या सीआईए यातना के गलत तरीक़े अपनाने की दोषी है.

नष्ट किए टेप

सीआईए ने वर्ष 2002 के दौरान ग्वांतनामो बे शिविर में संदिग्ध चरमपंथियों से पूछताछ के दौरान पूछताछ की प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड किया था जिसे 2005 में नष्ट कर दिया गया.

पहले तो सीआईए ने इस तरह के किसी टेप के होने से ही इनकार किया था लेकिन अब उसने ऐसे टेप तैयार करने और फिर कुछ टेपों के नष्ट किए जाने की बात को स्वीकार कर लिया है.

हालांकि टेपों को नष्ट करने के पीछे सीआईए का अपना ही तर्क है. सीआईए ने क़बूल किया है कि उन्होंने अपने एजेंटों की पहचान छिपाने के लिए इन टेपों को नष्ट कर दिया है.

अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी ख़बर के अनुसार इन टेपों में संदिग्ध लोगों से पूछताछ की कठोर प्रक्रिया दिखाई गई थी.

अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने कहा है कि बुश को याद नहीं है कि उन्हें इन टेपों या उसे नष्ट करने के बारे में बताया गया था.

यातनाएँ देने का मुद्दा

बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता का कहना है कि इस ख़बर के बाद सीआईए की हिरासत में 'संदिग्ध चरमपंथियों' को यातनाएँ दिए जाने के मुद्दे पर बहस फिर छिड़ जाने की संभावना है.

संवाददाता के मुताबिक इससे यह सवाल भी उखड़ा होगा कि क्या सीआईए एजेंटों ने अदालतों के समक्ष और राष्ट्रपति के बनाए आयोग के सामने पूरी जानकारी देने से परहेज किया.

बीबीसी के अमरीका के मामलों के संपादक जस्टिन वेब का कहना है कि सीआईए के स्पष्टीकरण को मानवाधिकार गुटों ने ख़ारिज किया है.

उनका कहना है कि सभी सीआईए कर्मचारियों को संबोधित एक पत्र में सीआईए निदेशक माइकल हेडन ने बताया कि वर्ष 2002 में बनाए गए टेप उस गुप्त पूछताछ का हिस्सा थे जो संदिग्ध अल क़ायदा नेता अबू ज़ुबैदा की गिरफ़्तारी के बाद बनाए गए.