सोमवार, 03 दिसंबर, 2007 को 12:22 GMT तक के समाचार
रूस में विदेशी पर्यवेक्षकों ने राष्ट्रपति चुनाव में व्लादिमीर पुतिन की जीत को निष्पक्ष मानने से इनकार किया है.
ऑर्गेनाइज़ेशन फ़ॉर सिक्यूरिटी एंड कॉओपरेशन इन यूरोप (ओएससीई) और काउंसिल ऑफ़ यूरोप ने चुनाव पर्यवेक्षकों की एक साझा टीम रूस भेजी थी जिन्होंने यह टिप्पणी की है.
रूस में रविवार को हुए चुनाव में राष्ट्रपति पुतिन की यूनाइटेड रशिया पार्टी को 64 प्रतिशत से अधिक वोट मिले हैं.
रूस के विपक्षी दलों ने चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत की थी जिसे रूसी चुनाव आयोग ने मानने से इनकार कर दिया था.
मॉस्को में जारी बयान में कहा गया है, "रविवार के चुनाव निष्पक्ष नहीं थे और हमारे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के मानदंडों पर खरे नहीं उतरते हैं."
विदेशी पर्यवेक्षकों का कहना है कि "चुनाव ऐसे माहौल में कराए गए जहाँ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की गुंजाइश कम थी और राजनीतिक दलों को एक बराबर अवसर नहीं दिए गए".
पर्यवेक्षकों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि "सत्ता का लगातार दुरुपयोग किया गया, मीडिया में सत्ताधारी पार्टी के समर्थन में प्रचार किया गया और चुनाव संहिता इस तरह बनाई गई जो दूसरी पार्टियों की स्थिति मुश्किल हो गई."
ओएससीई ने पहले रूस में एक बड़ा पर्यवेक्षक दल भेजने की योजना बनाई थी लेकिन उसका कहना है कि रूस ने वीज़ा जारी करने में देरी और कई तरह के अड़ंगे लगाए, रूस ने इन आरोपों का खंडन किया है.
चुनौती
विपक्षी कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा है कि वह इस फ़ैसले को क़ानूनी चुनौती देगी, पार्टी आगामी संसद का बहिष्कार करेगी या नहीं इसका निर्णय भी जल्दी ही किया जाएगा.
कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गेनाडी जुगानोव ने कहा, "हम इन परिणामों पर विश्वास नहीं करते, हम अपनी ओर से वोटों की समानांतर गिनती करेंगे."
एक स्वतंत्र रूसी संगठन गोलोज़ ने भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और धांधली का मुद्दा उठाया है लेकिन रूसी चुनाव आयोग के चेयरमैन व्लादीमिर चुरोव ने कहा कि सरकारी टीवी पर कहा कि कोई गड़बड़ी नहीं हुई है.
संविधान के नियमों के अनुरूप पुतिन को अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करने के बाद राष्ट्रपति पद छोड़ना पड़ेगा, उन्होंने संकेत दिए हैं कि वे प्रधानमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं.