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शुक्रवार, 30 नवंबर, 2007 को 02:49 GMT तक के समाचार

मुस्लिम नेताओं को पोप का निमंत्रण

पोप बेनेडिक्ट ने दुनिया भर के कई मुस्लिम धार्मिक नेताओं को बातचीत का न्यौता दिया है.

बातचीत का मक़सद मुसलमानों और ईसाइयों के बीच बेहतर रिश्ते कायम करना है.

पोप ने यह निमंत्रण मुस्लिम धार्मिक नेताओं की चिट्ठी मिलने के बाद दिया है जिसमें ईसाइयों और मुसलमानों के बीच रिश्तों में सुधार की ज़रूरत बताई गई थी.

ये पत्र अक्तूबर के शुरू में सऊदी अरब, मिस्र, ईरान, इराक़, जॉर्डन, अमरीका और यूरोपीय देशों के 138 मुस्लिम धार्मिक नेताओं की ओर से पोप को भेजा गया था.

इस चिट्ठि में लिखा है, "मुसलमान और ईसाई मिलकर दुनिया की आधी आबादी से भी अधिक हैं. इन दो धार्मिक समुदायों के बीच शांति और न्याय कायम रहे बिना दुनिया में शांति स्थापित नहीं हो सकती."

पोप ने चिट्ठी भेजने वालों में से एक जॉर्डन के प्रिंस ग़ाज़ी बिन मोहम्मद को भेजे गए जवाब में मुस्लिम धार्मिक नेताओं की पहल का स्वागत किया है.

पोपो बेनेडिक्ट कहते हैं, "हमारे मतभेदों को दरकिनार या दबाए रखने के बज़ाए हमें ये देखना चाहिए कि हमें कौन सी चीज एकजुट करती है, अगर नाम लें तो एक ईश्वर में विश्वास."

पोप ने कहा है कि वो प्रिंस का स्वागत करने के लिए तैयार हैं. प्रिंस ग़ाज़ी धार्मिक मामलों में किंग अब्दुल्ला के विशेष सहायक हैं.

उन्होंने वैटिकन के अंतरधार्मिक विभाग और मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता आयोजित करने की सलाह भी दी है.

पिछले साल से ही पोप की कोशिश चर्च और इस्लाम के बीच मतभेद दूर करने की रही है.

दरअसल पिछले साल जर्मनी के दौरे पर पोप ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में टिप्पणी की थी जिस पर काफी विवाद हुआ था.

हालाँकि बाद में उन्होंने मुसलमानों से अपने बयान के लिए माफी माँग ली थी.