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शुक्रवार, 30 नवंबर, 2007 को 12:32 GMT तक के समाचार

यूरोपीय संघ और ईरान में बातचीत

यूरोपीय संघ की विदेश नीति के प्रमुख हाविये सोलाना ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपनी रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र को सौंपने से पहले ईरान के शीर्ष परमाणु वार्ताकार से भी बात करने वाले हैं.

हाविये सोलाना ईरान के शीर्ष परमाणु वार्ताकार सईद जलीली से लंदन में मुलाक़ात करने वाले हैं. संवाददाताओं का कहना है कि इस बातचीत के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्या अमरीका और उसके सहयोगी देश ईरान के ख़िलाफ़ और प्रतिबंध लगाने पर ज़ोर देंगे या नहीं.

संयुक्त राष्ट्र ने माँग की हुई है कि ईरान अपना यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम स्थगित कर दे.

उधर ईरान ज़ोर देकर कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है जबकि कुछ पश्चिमी देशों ने संदेह व्यक्त किया हुआ है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम के ज़रिए हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है.

'नए विचार'

बीबीसी के कूटनीतिक मामलों के संवाददाता जोनाथन मार्कस का कहना है कि हाविये सोलाना उन संकेतों की तरफ़ ख़ास ध्यान देंगे कि क्या ईरान सरकार यूरेनियम संवर्धन का अपना कार्यक्रम रोकने का इरादा रखते हैं या नहीं जैसाकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने माँग रखी हुई है.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने साल 2007 के शुरू में ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दो रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया था जिनमें से एक अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी से थी और दूसरी ज़ेवियर सोलाना से.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने ईरान की नई कार्य योजना के बारे में जो रिपोर्ट तैयार की थी वह मिली-जुली थी.

जोनाथन मार्कस का कहना है कि ईरानी परमाणु वार्ताकार सईद जलीली अगर ज़ेवियर सोलाना के साथ बातचीत में यूरेनियम संवर्धन रोकने के बारे में अगर कोई ठोस संकेत नहीं देते हैं तो ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के लिए नए सिरे से ज़मीन तैयार की जा सकती है.

हालाँकि अमरीका और उसके यूरोपीय सहयोगी देशों के भारी दबाव के बावजूद रूस और चीन ईरान के ख़िलाफ़ नए प्रतिबंध लगाने का विरोध करते रहे हैं.

हाविये सोलाना की सईद जलीली से बातचीत शुरू होने से पहले ईरान सरकार के प्रवक्ता ग़ुलाम हुसैन एलहम ने कहा कि सईद जलीली ज़ेवियर सोलाना को कुछ नए विचार और नई पहल करने के बारे में सुझाने वाले हैं.

हालाँकि बुधवार को ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद ने ज़ोर देकर कहा था कि उनका देश एक परमाणु शक्ति संपन्न देश है और यह क्षमता हासिल करने के बाद कोई भी ताक़त ईरान को धमका नहीं सकती क्योंकि हम सब एकजुट हैं और पश्चिमी दुनिया हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकी.

हाविये सोलाना ने इस बात से ख़ासा नाराज़ भी रहे हैं कि सईद जलीली के साथ उनकी बातचीत कई बार टाली गई है और उसमें ख़ासी देरी हुई.