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बुधवार, 28 नवंबर, 2007 को 02:08 GMT तक के समाचार

इसराइल-फ़लस्तीनी शांतिवार्ता शुरु करेंगे

अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस का कहना है कि इसराइल और फ़लस्तीनी नेता शांतिवार्ता के लिए सहमत हो गए हैं और वे इसकी शुरुआत बुधवार को राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ करेंगे.

कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि जब इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट और फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच बातचीत की शुरुआत मध्यपूर्व में एक नई शुरुआत होगी.

पिछले सात वर्षों में दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत नहीं हुई है.

इससे पहले अमरीका में राजधानी वाशिंगटन के निकट स्थित एनापॉलिस में मध्यपूर्व के प्रमुख पक्षों की मौजूदगी में नए शांति प्रस्ताव पर समझौता हो गया है.

इस बैठक में अमरीकी राष्ट्रपति के अलावा सीरियाई और सऊदी प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया.

यह समझौता एक तरह से यह पिछले कई सालों से अटके हुए रोडमैप को नए सिरे से लागू करने का प्रयास है.

इसके तहत अगले साल यानी 2008 के अंत तक स्वतंत्र फ़लस्तीनी राष्ट्र बनाने का रास्ता साफ़ हो जाएगा.

बीबीसी के वॉशिंगटन संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय का कहना है कि इस समझौते की ख़ास बात यह है कि इसमें अमरीका ने सऊदी अरब और सीरिया को भी शामिल कर लिया है.

लेकिन उनका कहना है कि इसराइली और फ़लस्तीनी नेता जो इस समझौते के अहम किरदार हैं, दोनों की ही लोकप्रियता का ग्राफ़ अपने-अपने देशों में नीचे जा चुका है और ऐसे में एक फ़लस्तीनी आत्मघाती हमला या एक इसराइली टैंक इस शांति प्रक्रिया को पटरी से उतार सकता है.

उधर इस बैठक से अलग रखे गए फ़लस्तीनी गुट हमास ने इस बैठक को असफल बताया है.

साझा बयान

बैठक के बाद इसराइली और फ़लस्तीनी पक्षों ने एक साझा बयान पर सहमति व्यक्त की है.

बुश ने साझा बयान पढ़ते हुए कहा कि वे अपने 2009 में कार्यकाल की समाप्ति से पहले मध्य पूर्व समस्या का हल निकालना चाहते हैं.

दुनिया भर के चालीस देशों से आए प्रतिनिधियों और कूटनयिकों की मौजूदगी में बुश ने कहा कि इसराइल के पड़ोस में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के सिद्धांत पर फ़लस्तीनी राष्ट्र की स्थापना का लक्ष्य आसान नहीं होगा.

बुश ने कहा कि अगल फ़लस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के बाद वहाँ के लोग आज़ादी और सम्मान के साथ अपना जीवन बिता सकेंगे. साथ ही, इसराइली भी शांति से रह सकेंगे.

अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा, "आज फ़लस्तीनी और इसराइली, दोनों ये समझ रहे हैं कि उनके सपने तब तक सच नहीं हो सकते जब तक कि वो दूसरे को उसके सपने साकार करने में मदद नहीं करते".

इस शांतिवार्ता के लिए सहमत होते हुए इसराइली प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट ने कहा है कि वे ऐसे समझौते के लिए तैयार हैं जो पीड़ादायक हो सकते हैं.

उधर फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि मध्यपूर्व को शांति के इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि यह फिर से न मिले.