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गुरुवार, 22 नवंबर, 2007 को 14:36 GMT तक के समाचार

लोकसभा समिति ने सेन को निर्दोष बताया

अमरीका में भारत के राजदूत रोनेन सेन को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते के संदर्भ में 'हैडलेस चिकन' टिप्पणी करने के मामले में निर्दोष करार दिया.

समिति ने उनके खिलाफ़ कुछ आलोचनात्मक टिप्पणियां ही की हैं और यह सुझाव भी दिया कि राजदूतों को सावधानी से बात करनी चाहिए.

संसद के मॉनसून सत्र में इस टिप्पणी की वजह से हुए शोरशराबे और हंगामे के बाद सेन को पिछले महीने लोकसभा की समिति ने तलब किया था.

समिति का कहना था, "सेन के बिना शर्त माफ़ी माँगने को ध्यान में रखते हुए...... इस मामले को बंद समझा जा सकता है."

समिति ने कहा, "समिति का मानना है कि यह लोकसभा की अवमानना नहीं है, और न ही यह अनुशासन-भंग करने का मामला है." यह बात सभा में पेश की गई रिपोर्ट में कही गई.

यह विवाद तब उठा जब संसद में परमाणु समझौते का विरोध कर रहे सांसदों ने उनकी 'हेडलेस चिकन' टिप्पणी पर संसद में हंगामा किया था और उनके खिलाफ़ कार्रवाई की माँग की थी.

ग़ौरतलब है कि सेन ने रीडिफ़ डॉट कॉम को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि '' इसे (परमाणु समझौता) यहाँ राष्ट्रपति और वहाँ कैबिनेट ने पारित किया, तो फिर सिरकटे मुर्गे (हेडलेस चिकन) की तरह क्या फड़फड़ाना.''

'टिप्पणी सांसदों पर नहीं'

संभवत: यह ऐसा पहला मामला है जिसमें किसी वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ को संसद में तलब किया गया हो.

वी किशोर चंद्रा की अध्यक्षता वाली इस समिति ने उन्हें यह भी याद दिलाया कि बोलते वक्त वाकपटुता से ज़्यादा वाक चातुर्य महत्व रखता है.

विवाद पैदा होने के बाद सेन ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि 'हेडलेस चिकन' से उनका सांसदों या राजनीतिज्ञों की ओर नहीं बल्कि मीडिया के कुछ लोगों की ओर इशारा था.

समिति का मानना है कि यह ग़लतफ़हमी सेन के एक इंटरव्यू के दौरान उपजी.

परमाणु समझौते की सफ़लता के लिए सेन के प्रभावशाली कार्यों को देखते हुए समिति ने कहा कि ऐसे माहौल में जब इस टिप्पणी को विरोधियों की आलोचना के रूप में भी समझा जा सकता है, मा इसे टाल दिया जाना चाहिए.