http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 22 नवंबर, 2007 को 03:18 GMT तक के समाचार

'बलात्कार पीड़ित को कोड़े मारना सही'

सऊदी अरब के अधिकारियों ने एक बलात्कार पीड़ित लड़की को दो सौ कोड़े मारे जाने के अदालत के आदेश को जायज़ ठहराया है.

न्याय मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा कि यह आदेश उचित है क्योंकि यह लड़की कार में एक ऐसे पुरुष के साथ थी जो उसका रिश्तेदार नहीं है.

इस मामले ने सऊदी अरब में भारी उत्सुकता पैदा कर रखी है और विदेशों में इसकी ख़ासी भर्त्सना हुई है.

अमरीकी राष्ट्रपति पद की दावेदार हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि राष्ट्रपति बुश को इस सज़ा को निरस्त कराने के लिए सऊदी शाह अब्दुल्लाह पर दबाव डालना चाहिए.

उन्नीस साल की यह लड़की, जिसका नाम ज़ाहिर नहीं किया गया है, अपने एक पुरुष मित्र के साथ कार में थी जब सात लोगों ने उसकी कार को रोका और दोनों के साथ बलात्कार किया.

चार लोगों पर बलात्कार का आरोप दायर किया गया. लेकिन उसके साथ ही लड़की और उसके पुरुष मित्र को 'अवैध तरीक़े से साथ घूमने' के आरोप में नब्बे-नब्बे कोड़ों की सज़ा सुना दी गई.

उसके वकील ने इस सज़ा के ख़िलाफ़ अपील की तो अदालत ने सज़ा बढ़ा दी और छह महीने क़ैद की सज़ा के साथ-साथ दो सौ कोड़े मारने का आदेश दे दिया.

अदालत का कहना था कि बलात्कार पीड़ित ने अपनी बात मीडिया तक पहुंचाकर न्याय की प्रक्रिया पर असर डालने की कोशिश की.

सऊदी अरब में सामूहिक बलात्कार की शिकार लड़की को कोड़े मारने की सज़ा देने के आदेश की गूँज अब अमरीका के राजनीतिक गलियारों में सुनाई दे रही है.

डेमोक्रैटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के दावेदारों ने इस तरह की सज़ा पर गुस्से का इजहार किया है.

सीनेटर हिलेरी क्लिंटन ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से अनुरोध किया है कि वो ख़ुद इस सज़ा को बदलने के लिए सऊदी अरब सरकार पर दबाव बनाएँ.

उन्होंने कहा कि अगर वो अगली राष्ट्रपति बनती हैं तो मानवाधिकारों की रक्षा उनकी प्राथमिकता होगी.

राष्ट्रपति पद के एक और दावेदार बराक ओबामा ने सऊदी अदालत के आदेश को 'अन्यायपूर्ण' से भी ज़्यादा ख़राब बताया है.

इससे जुड़ीं ख़बरें आजकल अमरीकी मीडिया में छाई हुई है.