मंगलवार, 13 नवंबर, 2007 को 07:59 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने बर्मा की सैन्य सरकार और विपक्षी दलों से अनुरोध किया है कि वे राष्ट्रीय स्तर पर मैत्रीपूर्ण माहौल बनाने के प्रयास तेज़ करें.
उन्होंने एक बयान में कहा कि मौजूदा संकट से पहले यानी सितंबर में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरु होने से पहले देश में जिस तरह की व्यवस्था थी, उसे दोबारा कायम कर, ज़्यादा देर तक चलाया नहीं जा सकता.
हाल में बर्मा से लौटे संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत इब्राहिम गम्बारी इस हफ़्ते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को वहाँ की स्थिति के बारे में बताएँगे.
ठोस प्रक्रिया की शुरुआत?
गम्बारी की बर्मा यात्रा के अंत में गिरफ़्तार लोकतंत्र समर्थक नेता ऑंग सेन सू ची ने संयुक्त राष्ट्र के दूत के ज़रिए एक बयान में कहा था कि वे सैन्य शासकों के साथ काम करने के लिए तैयार हैं.
इसके बाद लगभग तीन साल के बाद पहली बार उन्हें अपने राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं से मिलने की इजाज़त मिली और सरकार के नियुक्त एक अधिकारी भी सू ची से मिले थे.
एक बयान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इससे एक ठोस प्रक्रिया की शुरुआत का संकेत मिलता है.
उनका कहन था कि सरकार और राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय स्तर पर मैत्रीपूर्ण माहौल बनाने, लोकतंत्र कायम करने और मानवाधिकारों का सम्मान करने के प्रयास तेज़ कर देने चाहिए.
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार मामलों के प्रतिनिधि पाउलो सर्गियो बर्मा की एक जेल में गए थे, जो विवादों में घिरी रही है. वे सितंबर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद हुए सरकार कार्रवाई की जाँच कर रहे हैं.
जहाँ बर्मा की सरकार कहती है कि प्रदर्शनों में केवल दस लोग मारे गए थे वहीं राजनयिकों को चिंता है कि मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक थी.