सोमवार, 12 नवंबर, 2007 को 07:07 GMT तक के समाचार
इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने सद्दाम हुसैन के शासनकाल के तीन अहम लोगों को अबतक इराक़ को न सौंपने के लिए अमरीका की आलोचना की है.
सद्दाम के रिश्तेदार कैमिकल अली सहित तीन लोगों को इराक़ में फाँसी की सज़ा सुनाई जा चुकी है पर ये तीनों लोग फ़िलहाल अमरीकी सुरक्षा बलों की हिरासत में हैं.
इराक़ी अदालत ने 80 के दशक में इराक़ी कुर्दों के नरसंहार के आरोप में अली हसन अल-माजिद उर्फ़ कैमिकल अली, पूर्व रक्षा मंत्री सुल्तान हाशिम समेत तीन लोगों को फाँसी की सज़ा दी थी.
सुनाई गई सज़ा के मुताबिक इन तीनों को अब से तक़रीबन एक महीना पहले ही फाँसी पर लटका देना था.
इससे पहले सद्दाम हुसैन को पिछले वर्ष दिसंबर महीने में फाँसी दे दी गई थी.
फाँसी की फाँस
इन तीनों को फाँसी देने के हिमायती इराक़ी प्रधानमंत्री मलिकी ने कहा कि अमरीका उनके संविधान का उल्लंघन कर रहा है.
उधर अमरीका का कहना है कि वह फाँसी को लेकर इराक़ के राजनेताओं में आम सहमति क़ायम होने का इंतज़ार कर रहा है.
इराक़ के राष्ट्रपति जलाल तालबानी और उपराष्ट्रपति तारिक़ अल हाशमी फाँसी की सज़ा का विरोध कर रहे हैं.
अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमरीका सुल्तान हाशिम को फाँसी देने का पक्षधर नहीं है.
ऐसा कहा जाता रहा है कि हाशिम सद्दाम हुसैन के शासनकाल के दौरान अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के संपर्क में थे और उन्होंने सद्दाम के तख़्तापलट की कोशिशों में अपनी भूमिका निभाई थी.
सुल्तान हाशिम के समर्थकों और कुछ सुन्नी लोगों का कहना है कि सद्दाम हुसैन के समय में दूसरे बहुत से लोगों की तरह हाशिम सिर्फ़ शासन के हुक्म का पालन कर रहे थे.