शनिवार, 10 नवंबर, 2007 को 16:22 GMT तक के समाचार
चीन सरकार ने ऐसे सभी खिलौनों के निर्यात पर रोक लगा दी है जिन पर विषैले पदार्थ की परत चढ़ी पाई गई है.
चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार यह क़दम तब उठाया गया जब अमरीका, ऑस्ट्रेलिया और कुछ दूसरे देशों के अधिकारियों ने एक्वा डॉट्स या बिंदाज़ नाम से जाने जाने वाले इन उत्पादों को अपने यहाँ बिक्री से हटा दिया.
ऐसे आरोप लगाए गए हैं कि इन खिलौनों की वजह से अनेक बच्चों में बीमारियाँ फैली हैं.
बताया जाता है कि चीन के अधिकारियों ने इन खिलौनों के भंडार को उनके उत्पादन के स्थान पर ही सील करवा कर जॉच का आदेश दिया है.
यह चीन निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए जाने वाले अनेक मामलों की श्रृंखला का ताज़ा मामला है.
बताया जाता है कि इन खिलौनों के मनकों जैसे हिस्से को निगल जाने के कारण अमरीका के सात बच्चे बीमार पड़ गए.
बाद में इन खिलौनों में प्रतिबंधित दवा “डेट रेप ड्रग जीएचबी” से संबंधित पदार्थ पाया गया.
इसके बाद इस पदार्थ को निगल कर बीमार पड़ने वाले बच्चों की संख्या अमरीका में नौ हो गई.
ऑस्ट्रेलिया में चार और न्यूज़ीलैंड में दो और बच्चे भी बीमार पड़ गए.
इसके कारण होने वाले सभी बीमारों को बेहोशी और नींद की शिकायत थी जबकि दो बच्चे अचेतावस्था यानी कोमा में चले गए.
ये खिलौने अमरीका और ऑस्ट्रेलिया में बहुत लोकप्रिय साबित हुए. वर्ष 2007 में बिंदाज़ को तो ऑस्ट्रेलिया का “टॉय ऑफ़ द ईयर” का ख़िताब भी मिला.
यह खिलौना सैकड़ों छोटे-छोटे मनकों से बना होता है जिन्हें एक कलाकृति का रूप दिया जा सकता है. इसके लिए इन्हें सुसज्जित करने के बाद इन पर पानी छिड़का जाता है.
इन मनकों पर विष रहित पदार्थ की गोंद चढ़ाई जानी थी लेकिन ऑस्ट्रेलिया के एक बैच ने पाया कि इन पर चढ़ा पदार्थ स्वीकृत फार्मूले से मेल नहीं खाता.
जाँच से पता लगा कि इन खिलौनों पर 1-4 ब्यूटेनइडियोल नाम का औद्योगिक रसायन चढ़ा है जो निगलने के बाद जीएचबी नामक दवा में परिवर्तित हो जाता है जो प्रतिबंधित है.
अमरीका में क़रीब 42 लाख और ऑस्ट्रेलिया में क़रीब दस लाख खिलौने दुकानों से हटा लिए गए हैं.