शनिवार, 03 नवंबर, 2007 को 03:53 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र हैती में तैनात 950 श्रीलंकाई शांति सैनिकों में से 100 को वापस भेज रहा है. इन सैनिकों पर नाबालिग लड़कियों के साथ यौन दुराचार का आरोप है.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि इन सैनिकों ने यौन संबंध बनाने के लिए पैसे भी अदा किए और कुछ लड़कियाँ नाबालिग थीं.
संयुक्त राष्ट्र के शांतिसैनिकों पर यौन दुराचार के मामले सामने आते रहे हैं. इसी साल आइवरी कोस्ट में 800 सैनिकों को बर्खास्त किया गया था.
संस्था का कहना है कि वे 'बिल्कुल बर्दाश्त नहीं' की नीति पर काम करते हैं लेकिन सैनिकों को अनुशासित रखने की ज़िम्मेदारी सदस्य देशों की है.
वर्ष 2005 में संयुक्त राष्ट्र ने एक अनुशासन नीति बनाई थी लेकिन सदस्य देशों ने इसे मंज़ूर नहीं किया.
कुल 108 श्रीलंकाई सैनिकों को वापस भेजा जा रहा है.
इन सैनिकों के ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जाँच संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों और श्रीलंका के अधिकारियों ने मिलकर की थी.
संयुक्त राष्ट्र की प्रवक्ता मिशेल मोंटास ने कहा, "यौनशोषण और दुराचार के मामले के लिए संयुक्त राष्ट्र और श्रीलंका सरकार खेद प्रकट करते हैं."
उन्होंने कहा, "सैनिक अब श्रीलंका प्रशासन के हवाले कर दिए गए हैं और श्रीलंका सरकार ने कहा है कि उन्हें दंडित किया जाएगा."
प्रवक्ता ने कहा कि इस दुराचार की शिकार लड़कियों की सहायता की कोशिश की जा रही है.
उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से कोई एक लाख शांतिसैनिक आते हैं.
हाल के बरसों में लाइबेरिया और कांगो में भी शांतिसैनिकों पर यौनदुराचार के आरोप लगे हैं.
संयुक्त राष्ट्र में प्रताड़ना के मामले देखने वाले अधिकारी मैनफ्रेड नोवॉक ने इसी साल जुलाई में कहा था कि शांति सैनिकों को चुनने के मानदंड कमज़ोर हैं.
उन्होंने शांतिसैनिकों की ट्रेनिंग और नैतिकता को लेकर गहरी चिंता जताई थी.